राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को "किसान कल्याण वर्ष" के रूप में घोषित किया है। इस अवसर पर विदिशा जिले के विकासखंड नटेरन की ग्राम पंचायतों में कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देशन में कृषि रथ कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। ग्राम साढ़ेर में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि के प्रति जागरूक किया गया।

आधुनिक कृषि जानकारी की पहुंच

विदिशा जिले के हर विकासखंड की चयनित ग्राम पंचायतों में कृषि रथ का नियमित भ्रमण होगा। इसके माध्यम से कृषि और संबद्ध विभागों की योजनाओं, गतिविधियों और नवीन पहलों की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर पर किसानों तक पहुंचाई जा रही है। इस दौरान किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और उत्पादन बढ़ाने के उपायों से अवगत कराया जा रहा है।

कृषिगत गतिविधियों का प्रदर्शन

  • जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रोत्साहन
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
  • एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन
  • कीट एवं रोग प्रबंधन
  • फसल विविधीकरण
  • प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
  • ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण
  • पराली प्रबंधन

ग्राम साढ़ेर में संवाद

ग्राम साढ़ेर में कृषि रथ की उपस्थिति में कृषि विस्तार अधिकारी श्री सत्यम नेमा ने नई ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था और विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की। किसानों ने योजनाओं में रुचि दिखाई और अधिकारियों से प्रश्न पूछकर जानकारी प्राप्त की। इस अभियान के माध्यम से किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी खेती की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

अन्य ग्राम पंचायतों में भी पहुंचा कृषि रथ

ग्राम साढ़ेर के बाद कृषि रथ ग्राम पंचायत बाढ़ेर पहुंचा, जहां किसानों ने सरकार की योजनाओं की जानकारी ली और अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद कृषि रथ ग्राम पंचायत हिनोतिया माली पहुंचा, जहां कृषि विस्तार अधिकारी श्री अभिषेक जैन ने डेयरी और पशुपालन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में अधिकारी और जनप्रतिनिधि

ग्राम पंचायत साढ़ेर में सरपंच कृष्ण पाल सिंह राजपूत की अध्यक्षता में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे। कृषि रथ अभियान जिले के किसानों के लिए ज्ञान, संवाद और नवाचार का सशक्त मंच बनकर उभर रहा है, जो "किसान कल्याण वर्ष 2026" के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।