ताल पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': 13 लाख का नशा और हथियार बरामद, तस्करों की घेराबंदी

रतलाम | जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ छिड़ी जंग में ताल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आधी रात को दबिश देकर न केवल भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए, बल्कि तस्करों के हथियारों के जखीरे को भी अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक जैसी दबिश: भारी मात्रा में माल जब्त

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के सख्त निर्देशों के बाद 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही ताल पुलिस को मुखबिर से मकनपुरा में नशे की खेप होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। एसडीओपी पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने टीम के साथ इलाके की घेराबंदी की।

बरामदगी का विवरण:

डोडाचूरा: 12 कट्टों में भरा 208.830 किलोग्राम।

अफीम: 3.480 किलोग्राम शुद्ध अफीम।

हथियार: एक अवैध पिस्टल, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस।

वाहन: तस्करी में प्रयुक्त सिल्वर रंग की इंडिगो कार (GJ05BV0258)।

जब्त सामग्री का बाजार मूल्य

पुलिस द्वारा जब्त किए गए मशरूका की कुल कीमत करीब 13 लाख 69 हजार रुपये आंकी गई है:

सामग्री

अनुमानित कीमत

अफीम (3.480 किग्रा)

₹5,22,000

डोडाचूरा (208.830 किग्रा)

₹4,17,000

इंडिगो कार

₹4,00,000

पिस्टल व कारतूस

₹30,000

फरार आरोपियों की तलाश तेज

छापेमारी के दौरान आरोपी आमिन खां, छोटू उर्फ बुक्कु खां (दोनों निवासी मकनपुरा) और इब्राहिम (निवासी खेड़ा) मौके से भाग निकले। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

"नशे के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं। अपराधियों के ठिकानों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही फरार आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।" — पुलिस प्रशासन

इनकी रही मुख्य भूमिका

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी स्वराज डाबी के साथ उप निरीक्षक मोहम्मद अय्युब खां, रविन्द्र मालवीय, पंकज भम्भोरिया और आरक्षक शुभम सिंह चौहान सहित पूरी टीम की विशेष भूमिका रही।