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मंदसौर में खुली छत वाली टंकी का पानी पीती रही जनता,विपक्ष ने मरे हुए जानवरों के अवशेषों का पानी सप्लाई का लगाया आरोप,वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया जिला प्रशासन...
मंदसौर में पानी की टंकी की जर्जर और टूटी छत का वीडियो आया सामने, विपक्ष ने मरे हुए जानवरों के अवशेषों का पानी सप्लाई का लगाया आरोप को नगर पालिका ने बताया निराधार, लेकिन टंकी से रोकी गई पानी की सप्लाई ANCHOR - मंदसौर में पानी की जर्जर और टूटी टंकी का वीडियो सामने आया है। जिसमें गंदगी और टूटी छत का मलबा साफ देखा जा रहा है। टंकी पर अंकित सफाई की दिनांक भी वर्ष 2014 की करीब 11 वर्ष पुरानी है। जिसके बाद मंदसौर नगर पालिका पर विपक्ष ने मरे हुए जानवरों के अवशेषों वाला पानी सप्लाई करने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों को नगर पालिका ने निराधार बताया है। लेक8न विरोध तेज होने के बाद इस टंकी से पानी की सप्लाई को रोक दिया है और कहा जा रहा है कि, उसकी सफाई करवाई जा रही है। V.O. - इंदौर में लगातार दूषित पेयजल पीने से मौतों के आंकड़े बढ़ते जा रहे है। वहीं मंदसौर में भी अब एक जर्जर और गंदगी भरी टंकी से पेयजल सप्लाई का मामला सामने आया है। जिस पर मंदसौर के स्थानीय विपक्ष ने नगर पालिका गंभीर आरोप लगाये है। नगर पालिका की नेता प्रतिपक्ष रफत पयामी ने आरोप लगाए है कि, इस टंकी की छत टूट जाएगी जाने से इसमें कई पक्षियों के मौत हुई है और उनके अवशेषों वाला पानी आमजन को सप्लाई भी किया गया है। उनका कहना है कि, कई बार मृत पक्षियों के अवशेष लोगों के घरों तक आए हैं। साथ ही कंकर, मिट्टी जैसा पानी भी आमजन को पीने के लिए दिया गया है। V.O.02- नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों को मंदसौर नगर पालिका सीएमओ अनीता चौकोटिया ने निराधार बताया है। उनका कहना है कि, टंकी की छत टूट जाने से उसमें मलबा जरूर गिरा है। लेकिन मृत जानवरों वाला पानी सप्लाई होने की बात गलत है। हालांकि मंदसौर सीएमओ यह मान रही है कि, इसकी जानकारी मिलने के बाद हमने टंकी की जांच करवाई है। साथ ही पानी की सप्लाई को उस टंकी से रोक दिया गया है। अभी कुछ समय तक सीधे पंप से ही इलाके में सप्लाई की जाएगी। जिम्मेदार कुछ भी कहे लेकिन मौके की स्थिति बेहद खराब है। जहां टंकी मौजूद है वहां नीचे गधे और घोड़े बांधे जा रहे है। जिस पर नगर पालिका का ध्यान नहीं है। वहीं टंकी की नींव वाली जगह पत्थर भरे हुए है। टंकी की हालत इतनी खराब हो गई है कि, जगह जगह सीमेंट की पपड़ी निकल रही है। 1978 में इस टंकी के शुरू हो जाने के बाद अभी की स्थिति देखकर यह साफ है कि, अब तक इसके मेंटेनेंस के कार्य पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया है। अब जवाबदारों का कहना है कि, अमृत योजना के तहत यहां दूसरी टंकी बनना प्रस्तावित है। दावा किया जा रहा है कि, मई 2026 तक टंकी बननी है। लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कुछ भी नजर नहीं आ रही है। अब नगर पालिका इसमें क्या करेगी यह तो वक्त बताएगा। लेकिन अभी की स्थिति में सामने आई मंदसौर नगर पालिका की लापरवाही की पोल खोल रही है। वह बता रही है कि, विकास के दावे करने वाली सरकारें नागरिकों शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।...more
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