गुरुजी भारतभूषण त्रिपाठी के पुण्यस्मरण कार्यक्रम को हुए पाँच वर्ष
टीकमगढ़। हम सभी के प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शक और समाज के लिए प्रकाशपुंज रहे श्रद्धेय गोलोकवासी श्री भारतभूषण त्रिपाठी (गुरुजी) के पुण्यस्मरण में आयोजित कार्यक्रम को अब पाँच वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। 26 जनवरी 2026 को उनके 66वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित यह पुण्यस्मरण कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और भावनात्मक स्मृतियों का अनुपम संगम बन गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री श्री 1008 गोंगबेर हनुमान मंदिर, सागर रोड, टीकमगढ़ में सायं 3 बजे से किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गुरुजन, शिष्यगण और नगरवासी उपस्थित हुए। उपस्थित लोगों ने गुरुजी के जीवन, उनके विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पुण्यस्मरण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भजन संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सागर के AR स्टूडियोज से आए सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों के माध्यम से गुरुजी के आदर्शों, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का भावपूर्ण संदेश दिया गया। श्रद्धालु भजनों में तल्लीन होकर भाव-विभोर दिखाई दिए और कई श्रद्धालुओं की आँखें स्मृतियों के भाव से नम हो उठीं। भजन संध्या के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।
गुरुजी के विचार आज भी प्रेरणास्रोत
श्रद्धेय भारतभूषण त्रिपाठी (गुरुजी) का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक रहा। उनका मार्गदर्शन आज भी उनके शिष्यों और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गुरुजी भले ही देह रूप में हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संस्कार और शिक्षा आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं।
गुरु परिवार ने किया भावुक स्मरण
कार्यक्रम का आयोजन ललित त्रिपाठी एवं समस्त गुरु परिवारटीकमगढ़ द्वारा किया गया। गुरु परिवार के सदस्यों ने गुरुजी के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि गुरुजी के आदर्शों को जीवंत बनाए रखने का एक संकल्प है। पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नगरवासियों ने यह संकल्प दोहराया कि गुरुजी के बताए मार्ग पर चलकर समाज सेवा, सद्भाव और संस्कृति संरक्षण के कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे।

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