केसली (सागर)- खगोल प्रेमियों के लिए 17 फरवरी का दिन विशेष होने जा रहा है, क्योंकि आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। हालांकि, भारतीय जनमानस और धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से राहत की खबर यह है कि इस ग्रहण का कोई भी सूतक काल भारत में प्रभावी नहीं होगा।

ग्रहण का समय और अवधि (भारतीय समयानुसार)

आज होने वाला सूर्य ग्रहण दोपहर से शुरू होकर देर शाम तक चलेगा। इसकी सटीक समय सारणी इस प्रकार है:
 • ग्रहण का आरंभ: दोपहर 03:26 बजे
 • ग्रहण का समापन: शाम 07:57 बजे

भारत में सूतक क्यों मान्य नहीं है?

धार्मिक और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूतक काल केवल उसी स्थान पर लागू होता है जहां ग्रहण नग्न आंखों से दिखाई दे। "चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी हिस्से में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां के मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और न ही पूजा-पाठ या भोजन आदि पर कोई पाबंदी रहेगी।"

कहां दिखाई देगा यह ग्रहण?

यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका, हिंद महासागर के कुछ हिस्सों और दक्षिणी गोलार्ध के क्षेत्रों में दृश्यमान होगा। भारत में यह समय सूर्यास्त के आसपास का होने और भौगोलिक स्थिति के कारण दिखाई नहीं देगा।

क्या बरतें सावधानी?

यद्यपि भारत में इसका धार्मिक प्रभाव शून्य है, लेकिन यदि आप ग्रहण वाले क्षेत्रों में मौजूद हैं या इसे ऑनलाइन स्ट्रीम के माध्यम से देख रहे हैं, तो ध्यान रखें:
 • सूर्य को कभी भी सीधी आंखों से न देखें।
 • सौर फिल्टर (Solar Filters) या प्रमाणित चश्मों का ही प्रयोग करें।
 • गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भारत में किसी भी नियम के पालन की आवश्यकता नहीं है।