उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर, फाइल फोटो। फोटो साभार Wikimedia Commons / Ashverse, CC BY-SA 4.0

आज 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को करवा चौथ है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रात 10:10 बजे तक रहेगी, इसी दिन वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी भी है।

पंचांग गणना के अनुसार अमांत पंचांग में यह आश्विन और पूर्णिमांत में कार्तिक मास है। रोहिणी नक्षत्र सुबह 11:11 बजे तक है, फिर मृगशिरा लगेगा। नीचे भोपाल का विस्तृत पंचांग है और उसके बाद उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत 6 शहरों के मुहूर्त की टेबल दी गई है।

भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:24 बजे और सूर्यास्त शाम 5:44 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:27 बजे है।

आज की मुख्य बातें (भोपाल)

  • तिथि कृष्ण चतुर्थी रात 10:10 बजे तक, फिर कृष्ण पंचमी
  • नक्षत्र रोहिणी सुबह 11:11 बजे तक, फिर मृगशिरा
  • राहुकाल दोपहर 1:29 से दोपहर 2:54 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:27 बजे तक
  • व्यापार का सबसे अच्छा समय दोपहर 12:04 से दोपहर 1:29 बजे तक

6 शहरों में अलग मुहूर्त, रीवा में राहुकाल सबसे पहले 1:13 से

तिथि, नक्षत्र और योग के बदलने का समय पूरे प्रदेश में एक ही रहता है, लेकिन सूर्योदय पर टिके मुहूर्त हर शहर में अलग होते हैं। रीवा और जबलपुर में दिन पहले शुरू होता है, उज्जैन और इंदौर में कुछ मिनट बाद। नीचे टेबल में देखिए अपने शहर का समय…

शहरसूर्योदयसूर्यास्तअभिजीतराहुकालब्रह्म मुहूर्त
उज्जैन6:305:5011:48 से 12:331:35 से 3:004:49 से 5:40
इंदौर6:305:5111:47 से 12:331:35 से 3:004:49 से 5:39
भोपाल6:245:4411:41 से 12:271:29 से 2:544:43 से 5:33
ग्वालियर6:245:3711:38 से 12:231:25 से 2:494:42 से 5:33
जबलपुर6:145:3411:31 से 12:161:19 से 2:444:32 से 5:23
रीवा6:105:2711:26 से 12:111:13 से 2:384:28 से 5:19

नीचे दिया गया विस्तृत पंचांग भोपाल के अक्षांश और देशांतर पर आधारित है।

कृष्ण चतुर्थी रात 10:10 बजे तक, फिर कृष्ण पंचमी

नीचे टेबल में आज के पंचांग के पांचों अंग और दिन के मुख्य समय एक साथ दिए गए हैं।

अंगआज की स्थिति (भोपाल)
वारगुरुवार
तिथिकृष्ण चतुर्थी रात 10:10 बजे तक, फिर कृष्ण पंचमी
नक्षत्ररोहिणी सुबह 11:11 बजे तक, फिर मृगशिरा
योगपरिघ रात 12:06 (30 अक्टूबर) बजे तक, फिर शिव
करणबव सुबह 11:37 बजे तक, फिर बालव रात 10:10 बजे तक, फिर कौलव
पक्षकृष्ण पक्ष
मासआश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
विक्रम संवत2083, सिद्धार्थी
शक संवत1948, पराभव
चंद्र राशिवृषभ रात 10:06 बजे तक, फिर मिथुन
सूर्य राशितुला
ऋतु और अयनशरद ऋतु (वैदिक), दक्षिणायन
सूर्योदय और सूर्यास्तसुबह 6:24 बजे, शाम 5:44 बजे
चंद्रोदयरात 8:27 बजे

7 शुभ समय, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से

पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में आज के शुभ समय इस तरह हैं…

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 से सुबह 5:33 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:27 बजे तक
  • विजय मुहूर्त दोपहर 1:57 से दोपहर 2:43 बजे तक
  • अमृत काल सुबह 8:18 से सुबह 9:45 बजे तक
  • अमृत काल रात 1:03 से रात 2:31 (30 अक्टूबर) बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 5:44 से शाम 6:09 बजे तक
  • निशीथ काल रात 11:39 से रात 12:30 (30 अक्टूबर) बजे तक

दिन के चौघड़िया में शुभ सुबह 6:24 से 7:49, चर सुबह 10:39 से 12:04, लाभ दोपहर 12:04 से 1:29, अमृत दोपहर 1:29 से 2:54, शुभ शाम 4:19 से 5:44 बजे तक है। रात के चौघड़िया में अमृत शाम 5:44 से 7:19, चर रात 7:19 से 8:54, लाभ रात 12:04 से 1:39, शुभ रात 3:14 से 4:49, अमृत सुबह 4:49 से 6:25 बजे तक रहेगा।

राहुकाल दोपहर 1:29 से, यमगंड सुबह 6:24 से

मान्यता है कि इन समयों में नया या मांगलिक काम शुरू करने से बचना चाहिए…

  • राहुकाल दोपहर 1:29 से दोपहर 2:54 बजे तक
  • यमगंड सुबह 6:24 से सुबह 7:49 बजे तक
  • गुलिक काल सुबह 9:14 से सुबह 10:39 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त सुबह 10:11 से सुबह 10:56 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त दोपहर 2:43 से दोपहर 3:28 बजे तक
  • वर्ज्य शाम 4:18 से शाम 5:46 बजे तक

व्यापार के लिए सबसे अच्छा समय दोपहर 12:04 से 1:29 बजे तक

दुकान या दफ्तर में नया काम शुरू करने, सौदा पक्का करने, भुगतान लेने या नई खरीदारी के लिए लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया को अच्छा माना जाता है। नीचे दिए समय में राहुकाल, यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्य और भद्रा नहीं पड़ रहे।

नीचे टेबल में देखिए, किस शहर में कब है अच्छा समय…

शहरसबसे अच्छा समयदूसरा अच्छा समयराहुकाल
उज्जैनलाभ, दोपहर 12:10 से 1:35अमृत, शाम 5:50 से 7:26दोपहर 1:35 से 3:00
इंदौरलाभ, दोपहर 12:10 से 1:35अमृत, शाम 5:51 से 7:26दोपहर 1:35 से 3:00
भोपाललाभ, दोपहर 12:04 से 1:29अमृत, शाम 5:46 से 7:19दोपहर 1:29 से 2:54
ग्वालियरलाभ, दोपहर 12:01 से 1:25अमृत, शाम 5:46 से 7:13दोपहर 1:25 से 2:49
जबलपुरलाभ, सुबह 11:54 से 1:19अमृत, शाम 5:46 से 7:09दोपहर 1:19 से 2:44
रीवालाभ, सुबह 11:48 से 1:13अमृत, शाम 5:46 से 7:02दोपहर 1:13 से 2:38

लेनदेन और बिक्री के लिए बुध, गुरु और शुक्र की होरा भी देखी जाती है। भोपाल में आज शुक्र होरा सुबह 9:14 से 10:11, बुध होरा सुबह 10:11 से 11:07, गुरु होरा दोपहर 1:01 से 1:57, शुक्र होरा दोपहर 3:51 से 4:47 बजे तक है।

नया खाता खोलना, बड़ा भुगतान करना या माल की पहली बिक्री राहुकाल में टालना ठीक माना जाता है।

करवा चौथ पर भोपाल में चांद रात 8:27 बजे, सरगी से शुरू होगा निर्जला व्रत

परंपरा के अनुसार सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना से सूर्योदय से चंद्रोदय तक बिना अन्न और जल के व्रत रखती हैं। भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:24 बजे है, इससे पहले सास की दी हुई सरगी खाने का चलन है।

शाम को सूर्यास्त (शाम 5:44) के बाद करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा कर करवा चौथ की कथा सुनी जाती है। मिट्टी के करवे में जल भरकर पूजा होती है। चांद निकलने पर छलनी से चांद और फिर पति को देखकर अर्घ्य दिया जाता है, इसके बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है।

चतुर्थी तिथि रात 10:10 बजे तक है, इसलिए चंद्रोदय के समय चतुर्थी रहेगी। पंचांग गणना के अनुसार 6 शहरों में चंद्रोदय का समय (रात) इस तरह है, उज्जैन 8:34, इंदौर 8:34, भोपाल 8:27, ग्वालियर 8:15, जबलपुर 8:16, रीवा 8:07 बजे।

आज के व्रत और त्योहार…

  • करवा चौथ कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, सुहागिनों का निर्जला व्रत, चंद्रोदय पर पारण
  • वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी गणेश जी का व्रत, चंद्र दर्शन के बाद पारण
  • रोहिणी व्रत जैन समाज का व्रत, रोहिणी नक्षत्र सुबह 11:11 बजे तक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

करवा चौथ पर आज चांद कितने बजे निकलेगा?

पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में चंद्रोदय रात 8:27 बजे है। रीवा में सबसे पहले 8:07 बजे और उज्जैन, इंदौर में 8:34 बजे चांद निकलेगा। चतुर्थी तिथि रात 10:10 बजे तक है।

29 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

भोपाल के अनुसार कृष्ण चतुर्थी रात 10:10 बजे तक, फिर कृष्ण पंचमी।

आज राहुकाल कब है?

भोपाल में आज राहुकाल दोपहर 1:29 से दोपहर 2:54 बजे तक है।

आज अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?

भोपाल में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:27 बजे तक है।

आज दुकान या नया काम शुरू करने का शुभ समय क्या है?

भोपाल में लाभ चौघड़िया दोपहर 12:04 से दोपहर 1:29 बजे तक सबसे अच्छा समय है।

यह जानकारी पंचांग गणना और मान्यताओं पर आधारित है, State News AI इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी पूजा या मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंडित या परिवार की परंपरा के अनुसार निर्णय लें।

स्रोत पंचांग गणना (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश)