मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, फर्जी 'एसडीएम' ने दी धमकी केसली (सागर) - मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक युवक को धमकी भरा फोन मिला। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को 'एसडीएम भोपाल' बताकर धमकाया और फेसबुक पर चल रही शिकायतों को बंद करने का दबाव डाला।
क्या है पूरा मामला? ग्राम टड़ा निवासी योगेश विश्वकर्मा ने केसली थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। योगेश के अनुसार, वे क्षेत्र के एक शिक्षक द्वारा किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और लगातार फेसबुक पर पोस्ट साझा कर रहे हैं। इसी बात से नाराज संबंधित पक्ष ने उन्हें डराने की कोशिश की है।
फोन पर दी गई धमकी: "मैं भोपाल से एसडीएम बोल रहा हूं" योगेश ने बताया कि बीती रात करीब 9:00 बजे उनके मोबाइल नंबर पर 8871371386 से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एसडीएम बताते हुए धौंस जमाई। बातचीत के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने कहा:
"मैं भोपाल से एसडीएम बोल रहा हूं। तुम फेसबुक पर जो मासाब के खिलाफ पोस्ट डाल रहे हो, उसे तुरंत बंद कर दो वरना तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। मासाब जो कर रहे हैं उन्हें करने दो, तुम सिर्फ अपने काम से काम रखो।"
पीड़ित का आरोप: शिक्षक ने ही रचवाया षड्यंत्र फरियादी योगेश विश्वकर्मा का सीधा आरोप है कि जिस शिक्षक के खिलाफ वे भ्रष्टाचार की पोस्ट डाल रहे हैं, उसी शिक्षक ने किसी व्यक्ति से फर्जी अधिकारी बनकर फोन करवाया है। यह उनकी आवाज दबाने और भ्रष्टाचार को छिपाने की एक सोची-समझी साजिश है।
पुलिस जांच और सबूत योगेश ने पुलिस को दिए आवेदन के साथ फोन पर हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से उक्त मोबाइल नंबर की लोकेशन और पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
शिकायतकर्ता: योगेश विश्वकर्मा (निवासी टड़ा) आरोपी नंबर: 8871371386 स्थान: थाना केसली, जिला सागर मामला: फर्जी अधिकारी बनकर धमकाना और भ्रष्टाचार की शिकायतें रोकना निष्कर्ष: लोकसेवक की पहचान चोरी करना (Impersonation) और किसी को धमकाना कानूनन अपराध है। पुलिस प्रशासन इस मामले में कॉल ट्रेस कर जल्द ही सच्चाई सामने ला सकता है।
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