क्रांतिवीर तात्या टोपे यूनिवर्सिटी ने स्नातक प्रथम वर्ष के रिजल्ट पर की स्थिति स्पष्ट, भ्रामक खबरों का किया खंडन

​गुना।

क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना ने स्नातक प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणामों को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में चल रही भ्रामक खबरों पर कड़ी नाराजगी जताई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन खबरों को पूरी तरह तथ्यहीन बताया है, जिनमें यह दावा किया गया था कि फाउंडेशन और वोकेशनल कोर्सेस में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स को जीरो (शून्य) नंबर देकर फेल कर दिया गया है। परीक्षा नियंत्रक के आधिकारिक प्रतिवेदन के आधार पर 31 अक्टूबर को विश्वविद्यालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।

​यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए मुख्य बिंदु:

  • ​शून्य अंक वाले स्टूडेंट्स की संख्या बेहद कम: परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, बी.ए., बी.एससी. और बी.कॉम. प्रथम वर्ष के कुल 18,217 स्टूडेंट्स में से केवल 35 स्टूडेंट्स को विभिन्न विषयों में शून्य अंक मिले हैं। इसे "बड़ी संख्या" बताना पूरी तरह से तथ्यों के विपरीत है।
  • ​'भारत बोध' विषय की स्थिति: 'भारत बोध' का पेपर बी.ए. के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध कराया गया था, जबकि बी.एससी. और बी.कॉम. के लिए हिंदी माध्यम में था। परीक्षा के दिन किसी भी कॉलेज से इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
  • ​अधिकांश सप्लीमेंट्री वाले स्टूडेंट्स परीक्षा में रहे अनुपस्थित:
    • ​भारत बोध: इस विषय में बी.कॉम. और बी.एससी. के 267 स्टूडेंट्स की सप्लीमेंट्री आई है, जिनमें से 170 स्टूडेंट्स परीक्षा में अनुपस्थित (Absent) रहे और 97 स्टूडेंट्स कम अंक आने के कारण पूरक घोषित हुए।
    • ​व्यक्तित्व विकास: इस विषय में बी.ए., बी.एससी. और बी.कॉम. के कुल 531 स्टूडेंट्स की सप्लीमेंट्री आई है, जिनमें से 337 स्टूडेंट्स अनुपस्थित थे और 194 स्टूडेंट्स कम अंकों के कारण पूरक रहे। यानी दोनों ही विषयों में ज्यादातर वे स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने परीक्षा छोड़ी थी।
  • ​वित्तीय लेखांकन (Financial Accounting) पर सफाई: बी.कॉम. के वित्तीय लेखांकन का पेपर पाठ्यक्रम की सभी इकाइयों को शामिल करके बनाया गया था। इस विषय में कुल 12 स्टूडेंट्स अनुत्तीर्ण हुए हैं, जिनमें से 7 स्टूडेंट्स परीक्षा में अनुपस्थित रहने के कारण फेल हुए हैं।

​अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी और स्टूडेंट्स के लिए अपील

​विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि कुछ असामाजिक तत्व भ्रामक खबरें फैलाकर संस्थान की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि यह सिलसिला नहीं थमा, तो ऐसे तत्वों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।