भोपाल के बड़े तालाब पर सूर्यास्त, फाइल फोटो। फोटो साभार Wikimedia Commons / Kuldeep ra1, CC BY-SA 4.0

आज 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार है। कार्तिक कृष्ण पंचमी रात 7:25 बजे तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी।

पूर्णिमांत पंचांग से कार्तिक और अमांत से आश्विन मास का कृष्ण पक्ष चल रहा है। दिन की शुरुआत मृगशिरा नक्षत्र से होगी, जो सुबह 9:04 बजे तक है, फिर आर्द्रा नक्षत्र आएगा। शिव योग रात 8:41 बजे तक है, उसके बाद सिद्ध योग शुरू होगा। आज कोई बड़ा व्रत या त्योहार नहीं है। नीचे भोपाल का विस्तृत पंचांग है और उसके साथ उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के मुहूर्त की टेबल भी।

भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:25 बजे और सूर्यास्त शाम 5:43 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:33 बजे है।

आज की मुख्य बातें (भोपाल)

  • तिथि कृष्ण पंचमी रात 7:25 बजे तक, फिर कृष्ण षष्ठी
  • नक्षत्र मृगशिरा सुबह 9:04 बजे तक, फिर आर्द्रा
  • राहुकाल सुबह 10:39 से दोपहर 12:04 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:26 बजे तक
  • व्यापार का सबसे अच्छा समय सुबह 9:26 से सुबह 10:39 बजे तक

6 शहरों में अलग मुहूर्त, रीवा में राहुकाल सबसे पहले 10:24 से

तिथि, नक्षत्र और योग के बदलने का समय पूरे प्रदेश में एक ही रहता है, लेकिन सूर्योदय पर टिके मुहूर्त हर शहर में अलग होते हैं। रीवा और जबलपुर में दिन पहले शुरू होता है, उज्जैन और इंदौर में कुछ मिनट बाद। नीचे टेबल में देखिए अपने शहर का समय…

शहरसूर्योदयसूर्यास्तअभिजीतराहुकालब्रह्म मुहूर्त
उज्जैन6:315:5011:48 से 12:3310:46 से 12:104:50 से 5:40
इंदौर6:305:5011:47 से 12:3310:45 से 12:104:49 से 5:40
भोपाल6:255:4311:41 से 12:2610:39 से 12:044:43 से 5:34
ग्वालियर6:255:3711:38 से 12:2310:37 से 12:014:43 से 5:34
जबलपुर6:145:3311:31 से 12:1610:29 से 11:544:33 से 5:23
रीवा6:105:2611:26 से 12:1110:24 से 11:484:29 से 5:20

नीचे दिया गया विस्तृत पंचांग भोपाल के अक्षांश और देशांतर पर आधारित है।

कृष्ण पंचमी रात 7:25 बजे तक, फिर कृष्ण षष्ठी

नीचे टेबल में आज के पंचांग के पांचों अंग और दिन के मुख्य समय एक साथ दिए गए हैं।

अंगआज की स्थिति (भोपाल)
वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण पंचमी रात 7:25 बजे तक, फिर कृष्ण षष्ठी
नक्षत्रमृगशिरा सुबह 9:04 बजे तक, फिर आर्द्रा
योगशिव रात 8:41 बजे तक, फिर सिद्ध
करणकौलव सुबह 8:46 बजे तक, फिर तैतिल रात 7:25 बजे तक, फिर गर सुबह 6:09 (31 अक्टूबर) बजे तक, फिर वणिज
पक्षकृष्ण पक्ष
मासआश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
विक्रम संवत2083, सिद्धार्थी
शक संवत1948, पराभव
चंद्र राशिमिथुन
सूर्य राशितुला
ऋतु और अयनशरद ऋतु (वैदिक), दक्षिणायन
सूर्योदय और सूर्यास्तसुबह 6:25 बजे, शाम 5:43 बजे
चंद्रोदयरात 9:33 बजे

6 शुभ समय, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से

पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में आज के शुभ समय इस तरह हैं…

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 से सुबह 5:34 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:26 बजे तक
  • विजय मुहूर्त दोपहर 1:57 से दोपहर 2:42 बजे तक
  • अमृत काल रात 9:59 से रात 11:28 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 5:43 से शाम 6:09 बजे तक
  • निशीथ काल रात 11:39 से रात 12:30 (31 अक्टूबर) बजे तक

दिन के चौघड़िया में चर सुबह 6:25 से 7:49, लाभ सुबह 7:49 से 9:14, अमृत सुबह 9:14 से 10:39, शुभ दोपहर 12:04 से 1:29, चर शाम 4:18 से 5:43 बजे तक है। रात के चौघड़िया में लाभ रात 8:54 से 10:29, शुभ रात 12:04 से 1:39, अमृत रात 1:39 से 3:15, चर रात 3:15 से 4:50 बजे तक रहेगा।

राहुकाल सुबह 10:39 से, यमगंड दोपहर 2:54 से

मान्यता है कि इन समयों में नया या मांगलिक काम शुरू करने से बचना चाहिए…

  • राहुकाल सुबह 10:39 से दोपहर 12:04 बजे तक
  • यमगंड दोपहर 2:54 से शाम 4:18 बजे तक
  • गुलिक काल सुबह 7:49 से सुबह 9:14 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त सुबह 8:40 से सुबह 9:26 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त दोपहर 12:26 से दोपहर 1:12 बजे तक
  • वर्ज्य शाम 4:49 से शाम 6:18 बजे तक

व्यापार के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 9:26 से 10:39 बजे तक

दुकान या दफ्तर में नया काम शुरू करने, सौदा पक्का करने, भुगतान लेने या नई खरीदारी के लिए लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया को अच्छा माना जाता है। नीचे दिए समय में राहुकाल, यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्य और भद्रा नहीं पड़ रहे।

नीचे टेबल में देखिए, किस शहर में कब है अच्छा समय…

शहरसबसे अच्छा समयदूसरा अच्छा समयराहुकाल
उज्जैनअमृत, सुबह 9:32 से 10:46शुभ, दोपहर 12:10 से 12:33सुबह 10:46 से 12:10
इंदौरअमृत, सुबह 9:31 से 10:45शुभ, दोपहर 12:10 से 12:33सुबह 10:45 से 12:10
भोपालअमृत, सुबह 9:26 से 10:39शुभ, दोपहर 12:04 से 12:26सुबह 10:39 से 12:04
ग्वालियरअमृत, सुबह 9:24 से 10:37शुभ, दोपहर 12:01 से 12:23सुबह 10:37 से 12:01
जबलपुरअमृत, सुबह 9:15 से 10:29शुभ, सुबह 11:54 से 12:16सुबह 10:29 से 11:54
रीवाअमृत, सुबह 9:11 से 10:24शुभ, सुबह 11:48 से 12:11सुबह 10:24 से 11:48

लेनदेन और बिक्री के लिए बुध, गुरु और शुक्र की होरा भी देखी जाती है। भोपाल में आज गुरु होरा सुबह 10:11 से 11:07, शुक्र होरा दोपहर 1:00 से 1:57, बुध होरा दोपहर 1:57 से 2:54, गुरु होरा शाम 4:47 से 5:43 बजे तक है।

नया खाता खोलना, बड़ा भुगतान करना या माल की पहली बिक्री राहुकाल में टालना ठीक माना जाता है।

पंचमी तिथि और शिव योग वाला शुक्रवार, ऐसे मानते हैं दिन का महत्व

परंपरा में पंचमी तिथि के देवता नाग माने जाते हैं। कई घरों में इस तिथि पर नाग देवता का स्मरण कर दूध और फूल चढ़ाने की रीत है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी और संतोषी माता से जोड़ा जाता है, इसलिए कई महिलाएं आज व्रत रखकर शाम को दीपक जलाती हैं।

सुबह 9:04 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र है, जिसके स्वामी मंगल माने जाते हैं। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र आता है, जिसके देवता रुद्र यानी भगवान शिव माने गए हैं। शिव योग के साथ यह संयोग शिव पूजा और मंत्र जाप के लिए अच्छा माना जाता है। रात 8:41 बजे से सिद्ध योग शुरू होगा, जिसे काम में सफलता देने वाला योग माना जाता है।

पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार कार्तिक मास चल रहा है। इस महीने में सुबह स्नान, तुलसी के पास दीपदान और भगवान विष्णु की पूजा की परंपरा है।

आज के दिन से जुड़ी परंपराएं…

  • शुक्रवार व्रत मां लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा
  • कार्तिक स्नान और दीपदान पूर्णिमांत कार्तिक मास की परंपरा
  • शिव पूजा शिव योग रात 8:41 बजे तक, आर्द्रा नक्षत्र सुबह 9:04 बजे से
  • पंचमी नाग देवता का स्मरण, तिथि रात 7:25 बजे तक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

30 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

भोपाल के अनुसार कृष्ण पंचमी रात 7:25 बजे तक, फिर कृष्ण षष्ठी।

आज राहुकाल कब है?

भोपाल में आज राहुकाल सुबह 10:39 से दोपहर 12:04 बजे तक है।

आज अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?

भोपाल में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:26 बजे तक है।

आज दुकान या नया काम शुरू करने का शुभ समय क्या है?

भोपाल में अमृत चौघड़िया सुबह 9:26 से सुबह 10:39 बजे तक सबसे अच्छा समय है।

यह जानकारी पंचांग गणना और मान्यताओं पर आधारित है, State News AI इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी पूजा या मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंडित या परिवार की परंपरा के अनुसार निर्णय लें।

स्रोत पंचांग गणना (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश)