आमला, 27 मार्च। सामाजिक संस्था “सार्थक सृजन” के सदस्य अनिल सोनी पटेल का जन्मदिन इस बार सादगी, सेवा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया।

शुक्रवार सुबह संस्था के सदस्यों ने आमला के शासकीय अस्पताल परिसर में पौधरोपण किया और उसके बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं प्रसूता माताओं को फल और बिस्किट वितरित कर उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं नवजात शिशुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जन्मदिन को बनाया सेवा और संकल्प का दिन

इस अवसर पर उपस्थित अनिल सोनी पटेल, जयंत सोनी, यशवंतराव चडोकार, भोला वर्मा, विनय साहू, चंद्रशेखर सोनी, किशोर गुगनानी और मनोज विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि

“सार्थक सृजन” संस्था अपने सदस्यों के जन्मदिवस एवं अन्य विशेष अवसरों को सेवा और प्रकृति संरक्षण के कार्यों से जोड़कर मनाती है।

पौधरोपण के साथ संरक्षण का भी संकल्प

सदस्यों ने कहा कि केवल पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों की समुचित देखभाल और संरक्षण भी उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि जो पेड़-पौधे असुरक्षित हैं, उन्हें चिन्हित कर उनके आसपास ट्री गार्ड लगाकर सुरक्षा प्रदान की जाएगी और नियमित देखभाल कर उन्हें विकसित किया जाएगा।

पर्यावरण संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता

सदस्यों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण विकराल रूप ले चुका है, जिससे मानव, पशु-पक्षी सभी प्रभावित हो रहे हैं।

शुद्ध हवा की कमी और गिरते भूजल स्तर जैसे गंभीर मुद्दों को देखते हुए हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने जीवन को सार्थक बनाते हुए प्रकृति संरक्षण के लिए कार्य करे।

उन्होंने कहा कि अत्यधिक विकास और लालच की प्रवृत्ति ने प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है।

“विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो, अन्यथा विनाश निश्चित है।”

भारतीय परंपरा का मूल है ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’

सदस्यों ने कहा कि भारत की पौराणिक परंपराओं का मूल उद्देश्य सभी के कल्याण का रहा है।

आज आवश्यकता है कि हम उन मूल्यों को पुनः अपनाएं और समाज, देश तथा प्रकृति के हित में कार्य करें।

इस आयोजन में संस्था के सदस्यों के अलावा

डा. अशोक नरवरे, डा. राकेश बचले, बंटी सोनी, रूपलाल सोनी, दिलीप सोनी, शिवराम सिंह, कांति सोनी, गोलू जोंजारे और कुंजबिहारी सिक्केवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।