पैवर कार्य अधूरा, खुले चैंबर बने खतरा
शहर के मुख्य मार्ग पर बढ़ी हादसों की आशंका, नागरिकों ने जल्द सुधार की मांग उठाई

बड़वानी :-शहर के व्यस्ततम मार्गों में शामिल कारंजा चौराहा से अंजड़ रोड तक नगर पालिका द्वारा बनाए गए डिवाइडर मार्ग पर अधूरा पैवर कार्य अब लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनता जा रहा है। सड़क किनारे कई स्थानों पर पैवर ब्लॉक अधूरे छोड़ दिए गए हैं, जबकि ड्रेनेज चैंबर खुले पड़े होने से राहगीरों और वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। कारंजा क्षेत्र में पुराने रेंजर कार्यालय के सामने सीसी रोड किनारे गड्ढे खुले पड़े हैं। वहीं एमपीईबी मार्ग के प्रवेश स्थान पर दोनों ओर खुली नालियों के कारण आए दिन बाइक सवार फिसलकर गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार छोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार विभाग द्वारा सुधार कार्य पूरा नहीं कराया गया। सबसे अधिक चिंता का विषय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल के आसपास का क्षेत्र बना हुआ है। स्कूल गेट के पास सड़क किनारे नाला और गहरे गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं। इसके अलावा कन्या शाला और पुराने रेस्ट हाउस के सामने पैवर ब्लॉकों के बीच बने ड्रेनेज चैंबर पर सुरक्षा जालियां तक नहीं लगाई गई हैं। इससे छात्राओं, पैदल राहगीरों और
दोपहिया वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय नागरिक भूपेंद्रसिंह चौहान ने बताया कि यह शहर का मुख्य मार्ग है, जहां पीजी कॉलेज, नगर पालिका कार्यालय, लोक सेवा केंद्र और विभिन्न बैंक शाखाएं स्थित हैं। प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी, महिलाएं और नागरिक यहां से आवाजाही करते हैं। डिवाइडर रोड बनने के बाद
वाहनों की रफ्तार भी बढ़ गई है, ऐसे में अधूरे पैवर और खुले चैंबर गंभीर हादसों को न्योता दे रहे हैं। नागरिकों ने नगर पालिका से मांग की है कि अधूरा पैवर कार्य तत्काल पूरा कराया जाए, खुले ड्रेनेज चैंबर पर मजबूत जालियां लगाई जाएं तथा कन्या शाला से रेंजर कार्यालय तक सड़क किनारे नालियों को व्यवस्थित कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ रहा खतरा-शहर में

सौंदर्याकरण और सुविधाओं के नाम पर शुरू किए गए कार्य यदि समय पर पूरे नहीं होते, तो वही जनता के लिए मुसीबत बन जाते हैं। मुख्य मार्ग पर अधूरी निर्माण सामग्री, खुले गड्ढे और बिना सुरक्षा ढके चैंबर यह दर्शाते हैं कि निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।