आधी रात ट्राले से उतारी जा रही थी संदिग्ध खाद, किसानों ने पकड़ा मामला; नकली फर्टिलाइजर बेचने की आशंका पर जांच शुरू
बड़वानी। जिले में नकली और संदिग्ध खाद के कारोबार को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। करी और सेंगाव के बीच स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पीछे देर रात एक बड़े ट्राले वाहन से ट्रॉली में खाद उतारे जाने की सूचना मिलने पर किसानों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और प्रशासन को इसकी जानकारी दी। मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम के निर्देश पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में नकली खाद को लेकर किसानों के बीच चिंता और नाराजगी बढ़ गई है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के जिला उपाध्यक्ष पिंटू भायल ने बताया कि देर रात ग्रामीणों को सूचना मिली थी कि नायरा पेट्रोल पंप के पीछे अंधेरे में एक बड़े ट्राले वाहन से ट्रॉली में खाद लोड की जा रही है। सूचना मिलने पर वे गांव के किसानों के साथ मौके पर पहुंचे, जहां कुछ लोग जल्दबाजी में खाद उतारते दिखाई दिए। पूछताछ करने पर संबंधित लोगों ने बताया कि यह “वन्तरा फर्टिलाइजर” नाम का बायो फर्टिलाइजर है, लेकिन खाद कहां से लाई गई और कहां भेजी जा रही थी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
पिंटू भायल ने आरोप लगाया कि जिले में नकली खाद का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और किसान इसकी चपेट में आकर आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार किसान असली समझकर ऐसी खाद खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में फसल खराब होने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के स्पष्ट नियम हैं कि बिना ई-टोकन के खाद किसानों तक नहीं पहुंचाई जाती, फिर आधी रात को इस तरह ट्राले से खाद उतारने और दूसरी ट्रॉली में लोड करने का काम आखिर किस अनुमति से किया जा रहा था। किसानों का कहना है कि यदि सब कुछ वैध था तो रात के अंधेरे में यह काम क्यों किया जा रहा था।
मौके पर पहुंचे किसानों ने प्रशासन को तत्काल सूचना दी, जिसके बाद एसडीएम द्वारा टीम भेजी गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके की जांच की और संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। फिलहाल दस्तावेजों की जांच की जा रही है तथा मामले में आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में आक्रोश का माहौल है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नकली खाद के कारोबार पर रोक नहीं लगी तो इसका सीधा असर खेती और उत्पादन पर पड़ेगा। किसानों ने मांग की है कि जिलेभर में खाद गोदामों और परिवहन की सघन जांच कराई जाए ताकि किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो सके।

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