सिवनी- :
सिवनी जिले की घंसौर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत निधानी में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पंचायत में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें हितग्राही के नाम पर पूरा आवास स्वीकृत होकर राशि निकाले जाने की बात सामने आ रही है, लेकिन मौके पर मकान ही मौजूद नहीं है। मामले को लेकर ग्रामीणों में चर्चा तेज हो गई है और पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम टिकरा खापा निवासी मुन्नी बाई पति रम्मालाल के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में आवास स्वीकृत हुआ था। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022-23 में आवास को पूर्ण दर्शाते हुए पूरी राशि निकाल ली गई। दस्तावेजों में मकान पूर्ण बताया गया, लेकिन जब ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पड़ताल की तो वहां किसी प्रकार का आवास दिखाई नहीं दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में मकान बनाकर शासन की राशि निकाल ली गई, जबकि हितग्राही आज भी पक्के आवास से वंचित है। मामले के सामने आने के बाद पंचायत में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
वहीं जब इस संबंध में ग्राम पंचायत निधानी के सचिव राजेश यादव से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें करते हुए मामले से बचने की कोशिश की। सचिव के संतोषजनक जवाब नहीं देने से ग्रामीणों की शंका और गहरा गई है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि आवास बना ही नहीं, तो फिर निर्माण पूर्ण कैसे दिखाया गया? किस आधार पर राशि आहरित की गई? और जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान कैसे कर दिया?
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा भ्रष्टाचार साबित हो सकता है।

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