सीवरेज के घटिया काम से रहवासी-दुकानदार परेशान... पाउडर गली बना तुलसीदास मार्ग.. दुकानदारों ने पार्षद प्रतिनिधि के समक्ष जताया आक्रोश, कहा- सांस लेना हो गया दूभर, जल्द कराए डामरीकरण।

बड़वानी -शहर में जारी सीवरेज कार्य के दौरान घटिया निर्माण कार्य का जीवंत उदाहरण तुलसीदास मार्ग पर देखा जा सकता है। यहां गत माह ही सीवरेज काम के बाद सीमेंटीकरण की दुरुस्ती की गई, लेकिन वो चंद दिन में उखड़कर दिन रात सीमेंट की डस्ट उड़ने लगी है। इससे वर्तमान में यह मार्ग पाउडर गली के रुप में परिवर्तित हो गया है। दिन रात सीमेंट की डस्ट उड़ने से दुकानदारों व रहवासियों को सांस लेना दूभर होने लगा है।  दुकानदारों ने एकत्रित होकर घटिया काम को लेकर रोष जताते हुए। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि को अवगत कराया। व्यापारी महेश कुशवाह ने कहा कि गत माह तक यहां सीवरेज कार्य के चलते कई दिन तक रोड से आवागमन बंद रहने से व्यापार ठप रहा था। साथ ही धूल-मिट्टी उड़ने से दुकानों पर रखा सामान खराब हुआ। अब सीवरेज कंपनी ने जो रिपेयरिंग काम किया हैं, उसमें घटिया काम करते हुए कच्ची सीमेंट कराया। जिससे दिन-रात सीमेंट की डस्ट उड़ रही है। घर दुकानों पर सीमेंट पाउडर की परत जम रही हैं और स्वास्थ्य खराब हो
रहा है। यहां लोगों में सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी की शिकायत बढ़ गई है। मार्ग पर दिनभर सीमेंट उड़ने से ग्राहक भी यहां दुकानों पर आने से कतराने लगे है। दुकानदार कुशवाह ने कहा कि उक्त शिकायत को लेकर
मार्ग पर हि निवासरत पार्षद के पास गए थे जिसपर कार्य से हो रही समस्या से अवगत कराया लेकिन पार्षद ने समस्या के समय सहयोग करना चाहिए था बल्कि उन्होंने साफ तौर पर पल्ला झाड़ते हुए कहा की आप कही भी बात करो मेरी दुकान के सामने नहीं। दुकानदारों ने मांग की हैं कि बीते पांच माह से हम परेशान है। व्यवसाय ठप पड़ा है। सीवरेज काम के बाद तो दो माह तक कच्चा माल डाल दिया। अब जो दुरुस्ती की हैं, वो कच्ची सीमेंट हैं, जिस पर पानी की तरी तक नहीं की। जिससे वाहन गुजरने पर सीमेंट के गुबार उड़ रहे है।

**सीमेंटीकरण के लिए प्रयास करेंगे*

नपाध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने कहा कि सीवरेज कंपनी ने उक्त मार्ग पर जो सीमेंटीकरण किया हैं, वहां दुकानदारों ने अपनी सहूलियत के हिसाब से मार्ग को खोल लिया। जबकि सीमेंटीकरण को सेट होने में प्रतिदिन पानी की तरी और 28 दिन तक वाहनों का आवागमन बंद रखना पड़ता है। सीमेंटीकरण पर निर्माण कंपनी ने न तो समय पर पानी की तरी कराई और न ही निर्धारित दिनों तक आवागमन रोकने का प्रयास किया। इससे सीमेंट सूखकर उड़ रही है। समस्या के मद्देनजर मार्ग पर डामरीकरण का प्रयास किया जाएगा।