*घर के आंगन में सो रही महिला पर बाघ ने किया हमला मौके पर हुई मौत*
*इधर ग्रामीणों के दंगे में कई वन कर्मी हुए घायल वाहनों में की गई तोड़ फोड़*
उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय स्थित विश्व विख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क से बुरी खबर सुनने को मिल जहां बाघ द्वारा महिला का शिकार करने के बाद नाराज पब्लिक ने वन कर्मियों की जम कर धुनाई कर दिए और वाहनों में तोड़ फोड़ कर अपनी नाराजगी जाहिर किए मिली जानकारी अनुसार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क से लगे ग्राम पनपथा के खेरवा टोला में रविवार की सुबह भोर में करीब तीन बजे के आस पास घर के आंगन में सो रही महिला के पास अचानक बाघ ने दस्तक दिया जहां वह महिला को अपना शिकार समझ कर उसे मार दिया वहीं घटना की सुगबुगाहट सुन आस पास सो रहे अन्य दो लोगों ने हल्ला गोहर मचाना शुरू किया तो नाराज बाघ ने उक्त दो लोगों को भी लहू लुहान कर दिया घटना में फोल्ला पाल उम्र 50 वर्ष के सिर में गहरा घाव हुआ तो दसइयॉ पाल उम्र 65 वर्ष के कमर के नीचे गहरा घाव हुआ जिन्हें मानपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में तत्काल भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों की टीम ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है वहीं इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अपने दल बल के साथ पहुंचे पनपथा रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव को देखते ही पब्लिक ने मारपीट शुरू कर दिया जिस कारण रेंजर के सर में डंडा से प्रहार होने के कारण गहरा जख्म हो गया वहीं पतौर परिक्षेत्र की महिला रेंजर के साथ भी बदतमीजी करते हुए मारपीट किया गया उक्त दोनों लोग किसी कदर मौके से निकल कर मानपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पहुंचे और अपना इलाज कराए जिसके बाद भरी संख्या में पुलिस ने मौके प4 पहुंच मोर्चा संभाला जहां प्रशासन की मौजूदगी में बांधवगढ़ प्रबंधन ने बाघ का रेस्क्यू शुरू किया आपको बता दें कि महिला को मरने के बाद महिला के पास ही बाघ भी अंदर कमरे में आराम परमा रहा था जिस कारण महिला की लाश निकालने में प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं बाघ को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने के बाद महिला की लाश को मौके से उठा कर पीएम आदि के लिए ले जाया जा रहा था तभी मौके पर मौजूद हजारों की संख्या में पब्लिक ने अपना रौद्र रूप दिखाया और प्रबंधन के ऊपर सैकड़ों की संख्या में मौजूद पब्लिक टूट पड़े देखते ही देखते भगदड़ मच गई जहां चले लाठी डंडों में में पुनः कई वन कर्मी घायल हुए साथ ही कई वाहनों में तोड़ फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया है इसी दरमियान हरकत में आए प्रबंधन ने घर के अंदर बेहोश पड़े बाघ को उठवा कर पिंजड़े में बंद किया और मौके से लेकर भागे जिसे बांडे छोड़ने की योजना बनाई गई थी
*बेहोशी के बाद होश में नहीं आया बाघ हो गई मौत*
वहीं सूत्रों की माने तो बाहर पड रही बेतहाशा गर्मी और चारों रतफ से घर को घेरे खड़ी पब्लिक के कारण घर के अंदर आराम फर्मा रहे बाघ को घर की छानी तोड़ कर देखा गया जिसे बाहर निकालने के लिए ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया गया जिसके बाद बाघ को दोबारा होश नहीं आया और चलता फिरता हृष्ट पुष्ट बाघ को प्रबंधन के जिम्मेदारों ने मौत के घाट उतार दिया सूत्रों की माने तो अनभिज्ञ प्रबंधन के जिम्मेदारों द्वार बाघ को बेहोश करने के लिए ओभर डोज दबाई दिया गया जिस कारण बाघ बेहोश होने के बाद बाघ को दोबारा होश में नहीं आया और बाघ की मौत हो गई शासन प्रशासन से जनापेक्षा है की संबंधित मामले को किसी सक्षम अधिकारियों का ग्रुप बना कर निष्पक्ष जांच करा कर बाघ के मौत के मामले का खुलासा किया जाए और बाघ मारने जैसे घटना को अंजाम देने वाले अनभिज्ञ जिम्मेदारों पर कानूनी शिकंजा कसा जाए अगर विभाग के जिम्मेदार इसी तरह बेहोशी का ओभर डोज इंजेक्शन देकर बाघों को मारने लगे तो वह दिन दूर नहीं जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो जाएगा साथ ही वन विभाग को पब्लिक के साथ सामंजस्य बना कर रखना चाहिए कहीं न कहीं पब्लिक को भी आज मौका मिला और पिहरी कांड का बदला लेकर जनता ने भी बताया कि जंगल के असल रक्षक यहां की पब्लिक है अधिकारी कर्मचारी तो कुछ साल महीने के लिए आते हैं और जंगल की सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मोटी कमाई कर अन्यत्र निकल लेते हैं हाल ही में जंगल के अंदर किसी भी निर्माण कार्य को देखा जा सकता है

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