बल्देवगढ़। क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सूरजपुर स्थित प्राचीन बगाज माता मंदिर में मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित इस आस्था केंद्र में माता रानी की नवीन प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। पूर्व में स्थापित प्रतिमा खंडित हो जाने के बाद ग्रामवासियों ने सामूहिक निर्णय लेकर नई प्रतिमा स्थापित कराने का संकल्प लिया था, जो अब पूर्ण हुआ।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम वैदिक ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के साथ प्रारंभ हुआ। पंचकुंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सूरजपुर सहित आसपास के गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और सेवा भाव ने आयोजन को सफल बनाया। महिलाओं ने मंगलगीत गाए तो युवाओं ने व्यवस्थाओं की कमान संभाली।
सूरजपुर का बगाज माता मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थान पर स्थित है। पहाड़ियों के मध्य स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति का केंद्र है। चारों ओर फैली हरियाली और जंगल क्षेत्र मंदिर की गरिमा को और बढ़ाते हैं, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभव के साथ प्राकृतिक आनंद भी प्राप्त करते हैं।
सरपंच पति सुंदर लाल लोधी ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न हुआ। किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था और एकजुटता का परिणाम है कि कार्यक्रम भव्य रूप में आयोजित हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि बगाज माता मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि गांव की सांस्कृतिक पहचान भी है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर में नियमित पूजा-अर्चना और वार्षिक धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा भी बनाई जा रही है। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब गांव एकजुट होता है तो आस्था और परंपरा की मिसाल कायम होती है।

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