बंगाल की खाड़ी में बना एक चक्रवात, NASA उपग्रह की प्रतीकात्मक तस्वीर (चक्रवात मिचौंग, दिसंबर 2023)। यह चक्रवात अर्नब की तस्वीर नहीं है। फोटो साभार Wikimedia Commons / MODIS Land Rapid Response Team, NASA GSFC, Public domain
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब का असर अब मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 29 अक्टूबर के ऑल इंडिया बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।
मैप से समझें, किस हिस्से में क्या असर
IMD मध्य प्रदेश को मौसम पूर्वानुमान के लिए 2 सब डिवीजन में बांटता है, पूर्वी MP और पश्चिमी MP। नीचे मैप में जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों को पूर्वी MP के तौर पर दिखाया गया है, जहां भारी बारिश संभव है।
IMD की भाषा में कहीं कहीं का मतलब है सब डिवीजन के कुछ ही स्थानों पर, यानी हर जिले में भारी बारिश तय नहीं है।
29 अक्टूबर का IMD पूर्वानुमान, एक साथ
- पूर्वी MP और छत्तीसगढ़, कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश
- पश्चिमी MP और विदर्भ, गरज चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवा
26 अक्टूबर को बना था चक्रवात अर्नब
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की 26 अक्टूबर की विज्ञप्ति के मुताबिक पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब उसी दिन सुबह 5.30 बजे चक्रवाती तूफान अर्नब में बदल गया था। उस समय यह विशाखापत्तनम से करीब 650 किमी पूर्व दक्षिण पूर्व में था।
IMD ने अनुमान जताया था कि यह 28 अक्टूबर की सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तट को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा। तब हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटा और झोंकों में 140 किमी प्रति घंटा तक बताई गई थी।
28 अक्टूबर की सुबह तूफान ने यानम के दक्षिण पश्चिम में आंध्र तट पार किया और इसके बाद कमजोर होना शुरू हुआ। अब इसका बचा हुआ सिस्टम जमीन पर आगे बढ़ते हुए मध्य भारत तक नमी पहुंचा रहा है।
लैंडफॉल के बाद 5 राज्यों तक असर का अनुमान
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में 26 अक्टूबर को हुई राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक में बताया गया कि लैंडफॉल के बाद तूफान का असर इन इलाकों पर पड़ सकता है…
- तेलंगाना
- दक्षिणी ओडिशा
- दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़
- पूर्वी उत्तर प्रदेश
- बिहार
मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक आंध्र, ओडिशा और यानम के तटों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। छत्तीसगढ़ से सटे पूर्वी MP के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और सिंगरौली जैसे जिले इस सिस्टम के रास्ते के करीब हैं।
अब जानिए, भारी और बहुत भारी बारिश का मतलब
IMD 24 घंटे में होने वाली बारिश को मात्रा के हिसाब से श्रेणियों में बांटता है। चेतावनी पढ़ते समय यह पैमाना काम आता है…
| IMD श्रेणी | 24 घंटे में बारिश |
|---|---|
| भारी बारिश | 64.5 से 115.5 मिमी |
| बहुत भारी बारिश | 115.6 से 204.4 मिमी |
| अत्यंत भारी बारिश | 204.5 मिमी या उससे ज्यादा |
किसान और आम लोग क्या करें
इस समय प्रदेश में सोयाबीन की कटाई और धान की फसल का दौर है। अभी तक IMD या कृषि मौसम सेवा की ओर से इस सिस्टम पर MP के लिए अलग सलाह हमें नहीं मिली है। किसान अपने जिले की ताजा एग्रोमेट सलाह IMD की वेबसाइट और मेघदूत ऐप पर देख सकते हैं।
IMD भोपाल का जिलेवार अलर्ट आने पर इसकी जानकारी इस खबर में जोड़ी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चक्रवात अर्नब ने कहां लैंडफॉल किया?
चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर 2026 की सुबह यानम के दक्षिण पश्चिम में आंध्र प्रदेश तट पार किया, इसके बाद यह कमजोर होने लगा।
29 अक्टूबर को MP में कहां भारी बारिश हो सकती है?
IMD के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी MP में गरज चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवा के आसार हैं।
बहुत भारी बारिश का मतलब कितनी बारिश है?
IMD के पैमाने पर 24 घंटे में 115.6 से 204.4 मिमी बारिश को बहुत भारी बारिश कहा जाता है।
स्रोत PIB, भारत मौसम विज्ञान विभाग
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