इंदौर शहर का नजारा, यही शहर नए इकोनॉमिक रीजन का केंद्र है (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / John Hoey, CC BY 2.0

इंदौर में 28 अक्टूबर को हुए अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर इकोनॉमिक रीजन (IER) 2047 का इकोनॉमिक मास्टर प्लान जारी किया। इसमें मालवा और निमाड़ के 8 जिलों को एक साझा आर्थिक क्षेत्र मानकर अगले 21 साल का रोडमैप रखा गया है।

यह प्लान क्या है, किन जिलों पर असर होगा, नौकरियां और निवेश कहां से आएंगे, और आगे क्या होगा, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

सवाल 1. इंदौर इकोनॉमिक रीजन 2047 प्लान क्या है?

जवाब- यह 8 जिलों की इकोनॉमी को एक साथ बढ़ाने का लंबी अवधि का खाका है। प्लान नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन पहल के तहत तैयार हुआ है। इसका फोकस सिर्फ शहर की सीमा नहीं, बल्कि आसपास के जिलों को जोड़कर उद्योग, आवास, परिवहन और लॉजिस्टिक्स को एक साथ प्लान करना है।

शहरी विकास एवं आवास विभाग के इस कॉन्क्लेव में आवास नीति और उपचारित अपशिष्ट जल के दोबारा उपयोग की नीति के ड्राफ्ट भी रखे गए।

सवाल 2. किन 8 जिलों को इसमें शामिल किया गया है?

जवाब- इंदौर इस क्षेत्र का केंद्र है। इसके साथ 7 और जिले जोड़े गए हैं, जो मालवा और निमाड़ अंचल में आते हैं। मैप से समझें…

मैप से समझें, इंदौर इकोनॉमिक रीजन में शामिल 8 जिले
मैप से समझें, इंदौर इकोनॉमिक रीजन में शामिल 8 जिले

IER में शामिल जिले…

  • केंद्र. इंदौर
  • मालवा. उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, धार
  • निमाड़. खरगोन, खंडवा

सवाल 3. प्लान में इकोनॉमी, निवेश और रोजगार के क्या लक्ष्य हैं?

जवाब- कॉन्क्लेव में बताए गए आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र की इकोनॉमी अभी करीब 37.4 अरब डॉलर की है। 2047 तक इसे 500 से 600 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यानी करीब 13 से 16 गुना बढ़त का लक्ष्य है। ग्राफिक से समझिए…

ग्राफिक से समझिए, IER 2047 के बड़े लक्ष्य
ग्राफिक से समझिए, IER 2047 के बड़े लक्ष्य
  • ⇒ 12 लाख से ज्यादा रोजगार के मौके बनाने का लक्ष्य
  • ⇒ 100 अरब डॉलर से ज्यादा निजी निवेश जुटाने की योजना
  • ⇒ उद्योग, खेती, पर्यटन और रोजगार से जुड़े 60 से ज्यादा प्रस्तावित प्रोजेक्ट

सवाल 4. किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा जोर है?

जवाब- प्लान में उद्योग और पर्यटन, दोनों को बराबर अहमियत दी गई है। इसके 5 बड़े हिस्से हैं…

  • 1. मैन्युफैक्चरिंग. एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग
  • 2. पार्क. फार्मा और टेक्सटाइल पार्क
  • 3. फूड प्रोसेसिंग. अंतरराष्ट्रीय फूड प्रोसेसिंग हब
  • 4. पर्यटन. उज्जैन समेत धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट
  • 5. नॉलेज सेंटर. इनोवेशन और नॉलेज सेंटर, आधुनिक परिवहन और इंदौर फ्यूचर सिटी

कॉन्क्लेव में इंदौर पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी जिक्र हुआ। धार जिले का पीथमपुर इस क्षेत्र का बड़ा औद्योगिक केंद्र है, इसलिए यह कॉरिडोर प्लान की रीढ़ माना जा रहा है।

सवाल 5. नीति आयोग का सिटी इकोनॉमिक रीजन या ग्रोथ हब मॉडल क्या है?

जवाब- नीति आयोग ने 2023 में Growth Hub for City Regions यानी G-Hub पहल शुरू की थी। नीति आयोग के दस्तावेज के मुताबिक इसमें पहले इकोनॉमिक मास्टर प्लान बनता है, फिर उसी के हिसाब से जमीन और शहर की प्लानिंग होती है।

  • ⇒ पायलट. सूरत, मुंबई महानगर क्षेत्र, वाराणसी और विशाखापत्तनम को पहले चुना गया
  • ⇒ पांचवां क्षेत्र. ओडिशा के भुवनेश्वर, कटक, पुरी, पारादीप क्षेत्र का प्लान फरवरी 2026 में आया, जिसमें 2047 तक 500 अरब डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य है
  • ⇒ 5 चरण. बेसलाइन मैपिंग, लक्ष्य तय करना, SWOT विश्लेषण, ग्रोथ ड्राइवर पहचानना और प्रोजेक्ट प्रस्ताव

इंदौर क्षेत्र का लक्ष्य ओडिशा वाले क्षेत्र के बराबर या उससे कुछ ज्यादा रखा गया है।

सवाल 6. आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है और आगे क्या होगा?

जवाब- अगर प्रोजेक्ट तय समय पर जमीन पर उतरे, तो इंदौर के बाहर के जिलों में भी नौकरियां और उद्योग पहुंच सकते हैं। अभी यह एक मास्टर प्लान है, यानी हर प्रोजेक्ट के लिए अलग से मंजूरी, जमीन और बजट तय होना बाकी है।

  • ⇒ युवाओं के लिए. उज्जैन, देवास, धार और खरगोन जैसे जिलों में मैन्युफैक्चरिंग और फूड प्रोसेसिंग में नौकरियां
  • ⇒ किसानों के लिए. फूड प्रोसेसिंग हब से फसल की बेहतर कीमत का रास्ता
  • ⇒ शहरों के लिए. नई टाउनशिप, आवास और परिवहन पर साझा प्लानिंग

राज्य सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 और सिंहस्थ 2028 की तैयारी भी कर रही है। उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ इस क्षेत्र के पर्यटन और परिवहन प्रोजेक्ट्स के लिए पहली बड़ी परीक्षा होगा।

कुल मिलाकर, IER 2047 प्लान मालवा निमाड़ को एक आर्थिक इकाई के रूप में देखने की कोशिश है। इसकी सफलता इस पर टिकी होगी कि 60 से ज्यादा प्रोजेक्ट कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं और निजी निवेश कितना आता है।

ग्राफिक- StateNews

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंदौर इकोनॉमिक रीजन में कितने जिले हैं?

8 जिले, इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, रतलाम, खरगोन, खंडवा और शाजापुर।

IER 2047 प्लान किसने तैयार किया?

यह नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन पहल के तहत तैयार हुआ और 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में जारी हुआ।

प्लान से कितनी नौकरियां बनने का लक्ष्य है?

कॉन्क्लेव में बताए गए आंकड़ों के मुताबिक 12 लाख से ज्यादा रोजगार के मौके।

नीति आयोग के ग्रोथ हब प्लान और किन शहरों के लिए बने हैं?

सूरत, मुंबई महानगर क्षेत्र, वाराणसी, विशाखापत्तनम और ओडिशा का भुवनेश्वर कटक पुरी पारादीप क्षेत्र।

स्रोत नीति आयोग