सोयाबीन की खड़ी फसल, प्रतीकात्मक फोटो फोटो साभार Wikimedia Commons / Albert Deccan, CC BY-SA 3.0
मध्यप्रदेश में खरीफ 2026 की सोयाबीन अब भावांतर भुगतान योजना के तहत मंडियों में बिक रही है। किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर 2026 से ई-उपार्जन पोर्टल पर शुरू हुआ था।
राज्य कैबिनेट ने 15 अक्टूबर 2026 को योजना को मंजूरी दी। केंद्र सरकार ने इस साल सोयाबीन (पीला) का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल तय किया है। मंडी में इससे कम भाव मिलने पर अंतर की राशि सरकार देगी।
आज जानेंगे कि-
- भावांतर का पैसा कैसे तय होता है?
- सोयाबीन कब और कहां बेचनी है?
- भुगतान किस खाते में आएगा और कौन से कागज जरूरी हैं?
सवाल- भावांतर योजना क्या है?
जवाब- यह केंद्र के पीएम-आशा अभियान की मूल्य अंतर भुगतान योजना (PDPS) के नियमों पर चलती है। सरकार फसल खुद नहीं खरीदती। किसान अपनी सोयाबीन मंडी में व्यापारी को बेचता है और भाव MSP से नीचे रहने पर अंतर की राशि सीधे उसके खाते में भेजी जाती है।
सवाल- इस साल MSP कितना है?
जवाब- केंद्रीय कैबिनेट ने 13 मई 2026 को सोयाबीन (पीला) का MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल तय किया। पिछले साल यह ₹5,328 था, यानी इस बार ₹380 की बढ़ोतरी हुई है। PIB के मुताबिक सोयाबीन की उत्पादन लागत ₹3,805 प्रति क्विंटल आंकी गई है।
सवाल- भावांतर की राशि कैसे तय होगी?
जवाब- इसमें मॉडल रेट की भूमिका सबसे अहम है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार भुगतान के 3 नियम हैं…
भुगतान के 3 नियम
- भाव MSP या ऊपर, कोई भावांतर नहीं मिलेगा
- भाव MSP से कम पर मॉडल रेट से ऊपर, MSP और बिक्री भाव का अंतर मिलेगा
- भाव मॉडल रेट या उससे कम, MSP और मॉडल रेट का अंतर मिलेगा
नीचे ग्राफिक में देखिए…
सवाल- मॉडल रेट कैसे निकलता है?
जवाब- सीजन के पहले 14 दिन प्रदेश की अधिसूचित मंडियों में हुई बिक्री का भारित औसत भाव निकाला जाता है। यही रेट 22 अक्टूबर से अगले 14 दिन लागू रहता है। इसके बाद रोज पिछले 14 दिन के औसत से नया मॉडल रेट तय होकर ई-मंडी पोर्टल पर जारी होता है।
सवाल- सोयाबीन कब तक बेचनी है?
जवाब- भावांतर के लिए बिक्री की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक तय है। जरूरत होने पर सरकार इसे बदल सकती है। ध्यान रहे कि 1 से 21 अक्टूबर के बीच बेची गई सोयाबीन की मात्रा आपकी पात्र मात्रा में से घटा दी जाएगी।
सवाल- कितनी सोयाबीन पर पैसा मिलेगा?
जवाब- पंजीयन में दर्ज बोवनी के रकबे और पिछले साल की प्रदेश की औसत उत्पादकता के आधार पर पात्र मात्रा तय होगी। इससे ज्यादा बेची गई उपज पर भावांतर नहीं बनेगा।
सवाल- पंजीयन कहां और कैसे हुआ?
जवाब- पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल mpeuparjan.nic.in पर हुआ। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समिति और विपणन संस्था के केंद्रों पर यह मुफ्त था। एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे पर अधिकतम ₹50 शुल्क तय था। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन सिर्फ सहकारी केंद्रों पर हुआ, जिनका राजस्व विभाग शत प्रतिशत सत्यापन करता है।
ग्राफिक से समझिए, पंजीयन से भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया…
सवाल- कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
ये कागज जरूरी
- जमीन के दस्तावेज, खसरा
- आधार कार्ड और एक अन्य फोटो पहचान पत्र
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- बैंक खाता नंबर और IFSC कोड
भू अभिलेख, खसरा और आधार में नाम एक जैसा होने पर ही पंजीयन मान्य होगा। नाम में अंतर हो तो तहसील कार्यालय से सुधार कराना होगा। पंजीयन और बिक्री, दोनों समय आधार का सत्यापन OTP या बायोमीट्रिक से होता है।
सवाल- पैसा किस खाते में आएगा?
जवाब- राशि DBT से पहले आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी, वह न मिले तो पंजीयन में दिए खाते में। भुगतान मंडी बोर्ड करेगा। संयुक्त खाते, बंद पड़े खाते और फिनो, एयरटेल या पेटीएम पेमेंट बैंक के खाते मान्य नहीं हैं। खाते की जांच के लिए ₹1 का टेस्ट ट्रांजैक्शन किया जाता है।
सवाल- भुगतान कब तक मिलेगा?
जवाब- इस सीजन के भुगतान की तारीख का आधिकारिक ऐलान अभी हमें नहीं मिला है। पिछले सीजन में सरकार ने मॉडल रेट रोज जारी किए थे और नवंबर 2025 में ये ₹4,056 से ₹4,237 प्रति क्विंटल के बीच रहे थे। ताजा मॉडल रेट और भुगतान की जानकारी ई-मंडी पोर्टल और SMS से मिलेगी।
सवाल- निगरानी कौन करेगा?
जवाब- राज्य स्तर पर मुख्य सचिव और जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समितियां बनाई गई हैं। भुगतान की राशि शुरुआत में मंडी बोर्ड के मूल्य स्थिरीकरण कोष से दी जाएगी।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
सवाल- बिना पंजीयन मंडी में बेचा तो? जवाब- भावांतर का लाभ नहीं मिलेगा।
सवाल- मंडी के बाहर बेचा तो? जवाब- सिर्फ अधिसूचित मंडी में हुई बिक्री गिनी जाएगी।
सवाल- शिकायत कहां करें? जवाब- अपने पंजीयन केंद्र, मंडी समिति या सीएम हेल्पलाइन 181 पर।
ग्राफिक- StateNews
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सोयाबीन का MSP 2026-27 कितना है?
सोयाबीन (पीला) का MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल है, जो पिछले साल से ₹380 ज्यादा है।
भावांतर योजना में सोयाबीन कब तक बेच सकते हैं?
अधिसूचित मंडियों में 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक।
मॉडल रेट कहां देखें?
मॉडल रेट ई-मंडी पोर्टल पर रोज जारी होता है।
भावांतर पंजीयन किस पोर्टल पर हुआ?
खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल mpeuparjan.nic.in पर।
स्रोत PIB, ई-उपार्जन पोर्टल, जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश
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