15 दिन पानी, लेकिन टैक्स पूरा- जलकर 50% बढ़ाने पर भड़के नागरिक।

बड़वानी :-शहर में एक तरफ लोगों को महीने में केवल 15 दिन पानी मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका द्वारा जलकर में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी किए जाने से नाराजगी बढ़ गई है। मप्र उपभोक्ता हितैषी मंच ने  ज्ञापन सौंपकर बढ़ाए गए जलकर और संपत्तिकर को वापस लेने की मांग की। मप्र उपभोक्ता हितैषी मंच के अध्यक्ष गुलाबचंद गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका द्वारा शहर के अलग-अलग वाडों में एक दिन छोड़कर जल वितरण किया जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण लोगों को पूरे महीने में करीब 15 दिन ही पानी मिल पाता है।
कई वार्डों में पानी की सप्लाई भी तय समय पर नहीं हो रही, जिससे नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सीमित जल आपूर्ति के बावजूद नगर पालिका ने जलकर 100 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया है, जो सीधे तौर पर 50 प्रतिशत वृद्धि है। इसके साथ ही संपत्तिकर में भी लगभग दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त टैक्स आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। मप्र उपभोक्ता हितैषी मंच ने प्रशासन से मांग की है कि जलकर और संपत्तिकर में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही शहर में नियमित, पर्याप्त और स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

*विरोध के बावजूद लागू किया फैसला*

नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने कहा कि परिषद की बैठक में जब संपत्तिकर बढ़ाने का प्रस्ताव आया था, तब विपक्ष ने इसका
कार्यालय नगरपालिका परिषद
विरोध करते हुए बैठक का बहिष्कार किया था। जलकर बढ़ाने के दौरान भी कांग्रेस पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया था, लेकिन इसके बावजूद प्रस्ताव लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मामूली 10 से 15 रुपए तक की वृद्धि को लोग समझ सकते थे,
लेकिन सीधे 50 प्रतिशत बढ़ोतरी करना जनता के साथ अन्याय है। सबसे बड़ी बात यह है कि टैक्स बढ़ने के बाद भी शहर की जल व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोग आज भी अनियमित सप्लाई और खराब व्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं।

*कई वार्डों में गंदा और बदबूदार पानी*

राकेश जाधव ने बताया कि शहर के कई वार्डों में सिवरेज कार्य के कारण अब भी नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। नागरिक लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे लोगों में चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले नगर पालिका को जल वितरण व्यवस्था सुधारने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। नागरिकों को मूलभूत सुविधा दिए बिना टैक्स बढ़ाना उचित नहीं है।