देवरी विधानसभा के आठ गांवों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण: ग्रामीणों को मिलेगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े माने जाने वाले देवरी विधानसभा क्षेत्र में अब ग्रामीणों के लिए बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। विधायक बृजबिहारी पटेरिया के कुशल नेतृत्व में देवरी विधानसभा के आठ गांवों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवनों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।
8 स्थानों पर हो रहा है निर्माण प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले से चिन्हित आठ स्थानों—मढ़पिपरिया, मुआर खास, चिरचिटा, सुना, बिछुआ, सिमरिया, परसिया एवं झिरिया—पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवनों का निर्माण कार्य जारी है।
65 लाख प्रति भवन, कुल लागत 5 करोड़ 20 लाख रुपये प्रत्येक भवन की लागत 65 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिससे आठ भवनों की कुल लागत 5 करोड़ 20 लाख रुपये होगी। इन भवनों के निर्माण से 40 हजार ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त आरोग्य मंदिर विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व के तहत देवरी विधानसभा में बन रहे ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्रामीणों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेंगे।
13 प्रकार की जांच सुविधाएं 108 प्रकार की आवश्यक दवाइयां निशुल्क टीकाकरण की सुविधा डॉक्टर एवं नर्स के लिए आवासीय व्यवस्था भवन संरचना एवं सुविधाएं आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन का निर्माण भूतल में 1900 वर्गफुट और प्रथम तल में 850 वर्गफुट क्षेत्रफल में किया जा रहा है। भवन में महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड, ओपीडी कक्ष, वेटिंग हॉल, शौचालय, डॉक्टर एवं नर्स के लिए आवासीय कक्ष, शौचालय एवं किचन की सुविधा उपलब्ध होगी। जल आपूर्ति बोरवेल के माध्यम से की जाएगी।
यह संपूर्ण निर्माण कार्य नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत एक निजी ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद दूर-दराज के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
विधायक का वक्तव्य बृज बिहारी पटेरिया ने कहा, “देवरी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मैंने प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला जी से अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।”

Continue With Google
Comments (0)