बड़वानी:-ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा अपहृत बालक-बालिकाओं की पतारासी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान पुलिस चला रही हैं। ऐसे ही एक प्रकरण में राजपुर पुलिस ने गुम नाबालिक को गुजरात से दस्तयाब किया। पूछताछ में नाबालिक ने पुलिस को बताया कि माता-पिता के डांटने पर वो गुस्से में बस में बैठकर गुजरात चली थी और टाईल्स फैक्ट्री में काम करने लगी थी। दरअसल 4 जनवरी को फरियादिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी पुत्री (17 वर्ष 11 माह) घर से बिना बताए कहीं चली गई है। जिसकी आसपास एवं रिश्तेदारों में तलाश करने पर कोई पता नहीं चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए एसपी पद्मविलोचन शुक्ल ने अपहृता की शीघ्र पतारासी के निर्देश दिए। उक्त निर्देशों के पालन में थाना प्रभारी राजपुर निरीक्षक विक्रम सिंह बामनिया ने एएसपी धीरज बब्बर, राजपुर एसडीओपी आयुष कुमार अलावा के मार्गदर्शन में टीम गठित कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। विवेचना में वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और तकनीकी माध्यमों से लगातार पतारासी में सूचना मिली कि अपहृता गुजरात के मोरबी में हैं। पुलिस वहां पहुंची और तलाश कर बालिका को सकुशल दस्तयाब किया। अपहृता ने पुलिस को दिए कथन में बताया कि माता-पिता द्वारा डांटने पर वह गुस्से में घर से पैदल राजपुर आई। राजपुर से बस द्वारा मोरबी चली गई। वहां एक टाइल्स फैक्ट्री में कार्य कर रही थी और कार्यरत महिलाओं के साथ रह रही थी। अपहृता के अनुसार उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना घटित नहीं हुई। पश्चात नाबालिग बालिका को विधिवत उसके माता-पिता के सुपुर्द किया। कार्रवाई में थाना प्रभारी राजपुर विक्रम सिंह बामनिया, उप निरीक्षक कविता कनेश, सहायक उप निरीक्षक नारायण पाटीदार, साइबर के प्रधान आरक्षक योगेश पाटिल, प्रधान आरक्षक संदेश पांचाल, मुख्य प्रधान आरक्षक कृष्णा बघेल, आरक्षक दुर्गेश झिल्ले, महिला आरक्षक लक्ष्मी जमरा का सहयोग रहा।
माता-पिता के डांटने पर गुजरात जाकर टाइल्स फैक्ट्री में काम करने लगी थी नाबालिक गुमशुदगी पर पुलिस ने दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द कराया
नाबालिक

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