मां बगुलामुखी मंदिर में पंडितों का विरोध: एसडीएम पर अभद्रता के आरोप, हवन बंद कर धरना

आगर मालवा के विश्व प्रसिद्ध मां बगुलामुखी मंदिर में गुरुवार को एक अभूतपूर्व स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पंडितों ने मंदिर परिसर में हवन बंद कर धरने पर बैठने का निर्णय लिया। एसडीएम सर्वेश यादव द्वारा पंडितों के लिए 'हरामखोर' जैसे आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग और नए नियम थोपने के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन हुआ।

मंदिर में हवन स्थगित होने से वातावरण में तनाव फैल गया और मंत्रोच्चार के स्थान पर विरोध के नारे गूंजने लगे। पंडितों की मांग थी कि एसडीएम को उनके पद से हटाया जाए और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों के लिए माफी मांगी जाए।

विरोध की वजह:

  • एसडीएम द्वारा पंडितों के लिए अपमानजनक भाषा का उपयोग।
  • मंदिर में नए नियम-कायदों का जबरन थोपना।

पंडितों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम आरपी वर्मा ने हस्तक्षेप करते हुए सर्वेश यादव से मंदिर समिति का प्रभार छीनकर डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा। इसके बाद पंडितों को एसडीएम के हस्ताक्षरयुक्त आदेश दिखाया गया, जिससे उनकी मांग पूरी हुई।

आदेश मिलने के बाद पंडितों ने धरना समाप्त कर हवन-पूजन का कार्य पुनः प्रारंभ किया। यह घटना मंदिर प्रशासन के लिए एक गंभीर सबक है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और पंडितों के सम्मान को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।