भोपाल के बड़े तालाब पर सूर्यास्त, फाइल फोटो। फोटो साभार Wikimedia Commons / Kuldeep ra1, CC BY-SA 4.0
3 नवंबर 2026, मंगलवार। आज आश्विन (पूर्णिमांत कार्तिक) कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 11:55 बजे तक है, इसके बाद दशमी लग जाएगी।
चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि और मघा नक्षत्र में रहेगा। मघा रात 3:26 (4 नवंबर) बजे तक है। रात 11:26 बजे से भद्रा शुरू होगी, जो सुबह 11:04 (4 नवंबर) तक रहेगी। नीचे भोपाल का विस्तृत पंचांग है और उसके बाद उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के मुहूर्त की तालिका दी गई है।
भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:27 बजे और सूर्यास्त शाम 5:41 बजे होगा। चंद्रोदय रात 12:48 बजे है।
आज की मुख्य बातें (भोपाल)
- तिथि कृष्ण नवमी सुबह 11:55 बजे तक, फिर कृष्ण दशमी
- नक्षत्र मघा रात 3:26 (4 नवंबर) बजे तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी
- राहुकाल दोपहर 2:52 से शाम 4:17 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:26 बजे तक
- व्यापार का सबसे अच्छा समय सुबह 10:40 से दोपहर 12:04 बजे तक
- भद्रा रात 11:26 से सुबह 11:04 (4 नवंबर) बजे तक
6 शहरों में अलग मुहूर्त, रीवा में राहुकाल सबसे पहले 2:36 से
तिथि, नक्षत्र और योग के बदलने का समय पूरे प्रदेश में एक ही रहता है, लेकिन सूर्योदय पर टिके मुहूर्त हर शहर में अलग होते हैं। रीवा और जबलपुर में दिन पहले शुरू होता है, उज्जैन और इंदौर में कुछ मिनट बाद। नीचे टेबल में देखिए अपने शहर का समय…
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त | अभिजीत | राहुकाल | ब्रह्म मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|---|
| उज्जैन | 6:33 | 5:47 | 11:48 से 12:33 | 2:59 से 4:23 | 4:51 से 5:42 |
| इंदौर | 6:32 | 5:48 | 11:47 से 12:33 | 2:59 से 4:23 | 4:50 से 5:41 |
| भोपाल | 6:27 | 5:41 | 11:41 से 12:26 | 2:52 से 4:17 | 4:45 से 5:36 |
| ग्वालियर | 6:27 | 5:34 | 11:38 से 12:23 | 2:47 से 4:11 | 4:44 से 5:36 |
| जबलपुर | 6:16 | 5:31 | 11:31 से 12:16 | 2:42 से 4:06 | 4:34 से 5:25 |
| रीवा | 6:13 | 5:24 | 11:26 से 12:11 | 2:36 से 4:00 | 4:30 से 5:22 |
नीचे दिया गया विस्तृत पंचांग भोपाल के अक्षांश और देशांतर पर आधारित है।
कृष्ण नवमी सुबह 11:55 बजे तक, फिर कृष्ण दशमी
नीचे टेबल में आज के पंचांग के पांचों अंग और दिन के मुख्य समय एक साथ दिए गए हैं।
| अंग | आज की स्थिति (भोपाल) |
|---|---|
| वार | मंगलवार |
| तिथि | कृष्ण नवमी सुबह 11:55 बजे तक, फिर कृष्ण दशमी |
| नक्षत्र | मघा रात 3:26 (4 नवंबर) बजे तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी |
| योग | शुक्ल सुबह 9:54 बजे तक, फिर ब्रह्म |
| करण | गर सुबह 11:55 बजे तक, फिर वणिज रात 11:26 बजे तक, फिर विष्टि (भद्रा) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत) |
| विक्रम संवत | 2083, सिद्धार्थी |
| शक संवत | 1948, पराभव |
| चंद्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | तुला |
| ऋतु और अयन | शरद ऋतु (वैदिक), दक्षिणायन |
| सूर्योदय और सूर्यास्त | सुबह 6:27 बजे, शाम 5:41 बजे |
| चंद्रोदय | रात 12:48 बजे |
6 शुभ समय, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से
पंचांग गणना के अनुसार भोपाल में आज के शुभ समय इस तरह हैं…
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:45 से सुबह 5:36 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:26 बजे तक
- विजय मुहूर्त दोपहर 1:56 से दोपहर 2:41 बजे तक
- अमृत काल रात 1:05 से रात 2:39 (4 नवंबर) बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त शाम 5:41 से शाम 6:06 बजे तक
- निशीथ काल रात 11:39 से रात 12:30 (4 नवंबर) बजे तक
दिन के चौघड़िया में चर सुबह 9:15 से 10:40, लाभ सुबह 10:40 से 12:04, अमृत दोपहर 12:04 से 1:28, शुभ दोपहर 2:52 से 4:17 बजे तक है। रात के चौघड़िया में लाभ रात 7:17 से 8:52, शुभ रात 10:28 से 12:04, अमृत रात 12:04 से 1:40, चर रात 1:40 से 3:16 बजे तक रहेगा।
राहुकाल दोपहर 2:52 से, भद्रा सुबह 11:04 (4 नवंबर) तक
मान्यता है कि इन समयों में नया या मांगलिक काम शुरू करने से बचना चाहिए…
- राहुकाल दोपहर 2:52 से शाम 4:17 बजे तक
- यमगंड सुबह 9:15 से सुबह 10:40 बजे तक
- गुलिक काल दोपहर 12:04 से दोपहर 1:28 बजे तक
- दुर्मुहूर्त सुबह 8:42 से सुबह 9:26 बजे तक
- दुर्मुहूर्त रात 10:47 से रात 11:39 बजे तक
- वर्ज्य दोपहर 3:37 से शाम 5:11 बजे तक
- भद्रा रात 11:26 से सुबह 11:04 (4 नवंबर) बजे तक
- गंडमूल सुबह 6:27 से रात 3:27 (4 नवंबर) बजे तक
व्यापार के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 10:40 से 12:04 बजे तक
दुकान या दफ्तर में नया काम शुरू करने, सौदा पक्का करने, भुगतान लेने या नई खरीदारी के लिए लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया को अच्छा माना जाता है। नीचे दिए समय में राहुकाल, यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्य और भद्रा नहीं पड़ रहे।
नीचे टेबल में देखिए, किस शहर में कब है अच्छा समय…
| शहर | सबसे अच्छा समय | दूसरा अच्छा समय | राहुकाल |
|---|---|---|---|
| उज्जैन | लाभ, सुबह 10:46 से 12:10 | लाभ, रात 7:23 से 8:59 | दोपहर 2:59 से 4:23 |
| इंदौर | लाभ, सुबह 10:46 से 12:10 | लाभ, रात 7:23 से 8:59 | दोपहर 2:59 से 4:23 |
| भोपाल | लाभ, सुबह 10:40 से 12:04 | लाभ, रात 7:17 से 8:52 | दोपहर 2:52 से 4:17 |
| ग्वालियर | लाभ, सुबह 10:37 से 12:01 | लाभ, रात 7:11 से 8:47 | दोपहर 2:47 से 4:11 |
| जबलपुर | लाभ, सुबह 10:29 से 11:53 | लाभ, रात 7:06 से 8:42 | दोपहर 2:42 से 4:06 |
| रीवा | लाभ, सुबह 10:24 से 11:48 | लाभ, रात 7:00 से 8:36 | दोपहर 2:36 से 4:00 |
लेनदेन और बिक्री के लिए बुध, गुरु और शुक्र की होरा भी देखी जाती है। भोपाल में आज शुक्र होरा सुबह 8:19 से 9:15, बुध होरा सुबह 9:15 से 10:11, गुरु होरा दोपहर 12:04 से 1:00, शुक्र होरा दोपहर 2:52 से 3:48 बजे तक है।
नया खाता खोलना, बड़ा भुगतान करना या माल की पहली बिक्री राहुकाल, भद्रा में टालना ठीक माना जाता है।
नवमी और मघा का मेल, मंगलवार को हनुमान पूजा की परंपरा
आज कोई बड़ा व्रत या त्योहार नहीं है। पंचांग गणना के अनुसार नवमी तिथि सुबह 11:55 बजे तक है। मान्यता है कि नवमी की स्वामिनी मां दुर्गा हैं, इसलिए इस तिथि पर देवी पूजा और दुर्गा सप्तशती का पाठ शुभ माना जाता है।
मघा नक्षत्र का स्वामी केतु और देवता पितर माने जाते हैं। परंपरा में इस नक्षत्र में बड़ों का आशीर्वाद लेना, पितरों को याद करना और दान करना अच्छा बताया गया है। मंगलवार होने से हनुमान मंदिरों में सुबह और शाम पूजा की परंपरा है।
दिवाली का हफ्ता करीब है, इसलिए आगे के दिन खास हैं…
- 4 नवंबर दशमी तिथि, भद्रा सुबह 11:04 (4 नवंबर) तक
- 5 नवंबर रमा एकादशी का व्रत
- 8 नवंबर दिवाली, लक्ष्मी पूजा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
3 नवंबर 2026 को कौन सी तिथि है?
भोपाल के अनुसार कृष्ण नवमी सुबह 11:55 बजे तक, फिर कृष्ण दशमी।
आज राहुकाल कब है?
भोपाल में आज राहुकाल दोपहर 2:52 से शाम 4:17 बजे तक है।
आज अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
भोपाल में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:26 बजे तक है।
आज दुकान या नया काम शुरू करने का शुभ समय क्या है?
भोपाल में लाभ चौघड़िया सुबह 10:40 से दोपहर 12:04 बजे तक सबसे अच्छा समय है।
आज भद्रा कब तक है?
भद्रा रात 11:26 से सुबह 11:04 (4 नवंबर) बजे तक रहेगी।
यह जानकारी पंचांग गणना और मान्यताओं पर आधारित है, State News AI इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी पूजा या मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंडित या परिवार की परंपरा के अनुसार निर्णय लें।
स्रोत पंचांग गणना (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश)
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