नर्मदापुरम, 09 फरवरी 2026: कलेक्टर सोनिया मीना ने जिले के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का केवल एक पड़ाव है, और यह जीवन का अंतिम निर्णय नहीं करती।
कलेक्टर मीना ने कहा, "परीक्षा परिणाम से जीवन की सफलता तय नहीं होती। निरंतर मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। सफलता और असफलता दोनों ही जीवन के हिस्से हैं और स्थायी नहीं होतीं।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनका मनोबल बढ़ाना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं महत्वपूर्ण होती हैं, और इस दौरान विद्यार्थियों में तनाव स्वाभाविक है। इसलिए नियमित काउंसलिंग और उचित मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है।
विद्यार्थियों के लिए संदेश:
- तनावमुक्त, प्रसन्न और स्वस्थ मन से परीक्षा में शामिल हों।
- अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
- पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
- पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ मेहनत करें।
- किसी भी समस्या को माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों या मित्रों से साझा करें।
कलेक्टर मीना ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं और उन्हें तनावमुक्त वातावरण प्रदान करें, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
अंत में, उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह केवल एक पड़ाव है। समर्पण और सकारात्मकता से ही विद्यार्थी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

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