पिपरई पंचायत चौराहा पर एआईडीएसओ (AIDSO) द्वारा काकोरी कांड के अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी के शहादत दिवस पर एक भावपूर्ण पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव अनुराग सागर ने कहा, “बिस्मिल और अशफाक की शहादत हिंदू-मुस्लिम एकता का अनुपम उदाहरण है।” उन्होंने बताया कि अंग्रेजों की 'फूट डालो और राज करो' की नीति इन क्रांतिकारियों के अटूट विश्वास के आगे विफल हो गई थी। 19 दिसंबर 1927 को इन वीरों को फांसी दी गई थी, जिनका उद्देश्य देश को शोषण मुक्त बनाना था।
वक्ताओं ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की और कहा:
- शिक्षा का निजीकरण हो रहा है।
- स्कूल बंद किए जा रहे हैं।
- युवा बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
वक्ताओं ने आह्वान किया कि शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम का संचालन विक्रम तांवरे ने किया। इस दौरान देवेंद्र श्रीवास्तव, गोविंद, रोहित, आयान, अनिकेत सहित कई छात्र व नागरिक मौजूद रहे।
यह सभा शहीदों की याद में समर्पित थी और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

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