*नवीन आदर्श महाविद्यालय में विश्व आर्द्रभूमि जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन* 

 श्री हुकुमचंद यादव शासकीय नवीन आदर्श स्नातक महाविद्यालय, खंडवा में विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण, जैव विविधता एवं पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विवेक केशरे ने की। इस अवसर पर  उन्होंने आर्द्रभूमियों के वैज्ञानिक, पारिस्थितिक एवं सामाजिक महत्व पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि आर्द्रभूमियाँ जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डॉ विष्णु प्रसाद भाला ने बताया कि आर्द्रभूमियाँ केवल जल स्रोत नहीं हैं, बल्कि ये प्राकृतिक जल शोधक (Natural Water Filters) के रूप में कार्य करती हैं तथा जैव विविधता के संरक्षण में आधार स्तंभ हैं। उन्होंने आगे कहा कि आर्द्रभूमियों का क्षरण जल संकट, जलवायु असंतुलन एवं स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के नष्ट होने का प्रमुख कारण बन रहा है, इसलिए इनके संरक्षण हेतु समाज, शैक्षणिक संस्थानों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. विकास उपाध्याय ने आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यदि समय रहते इनका संरक्षण नहीं किया गया, तो इसके गंभीर पर्यावरणीय परिणाम सामने आ सकते हैं।
कार्यक्रम में प्रोफेसर महेश कुमार तिवारी, श्री हेमेन्द्र बिरला एवं प्रोफेसर श्रीमती वर्षा रानी गंगराड़े ने भी अपने विचार व्यक्त किए और आर्द्रभूमियों के सतत उपयोग पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। आभार डॉ धर्मेंद्र चौबे ने माना। कार्यक्रम में श्री मनीष बारिया, श्री रोहित काजले, श्री पप्पू पाल एवं  विद्यार्थी उपस्थित रहें।