ओबीसी जाति जनगणना में कॉलम नहीं देना धोखाधड़ी: भारत मुक्ति मोर्चा
आज 23 मार्च को 725 जिला मुख्यालयों पर रैली, 23 अप्रैल को भारत बंद की चेतावनी
ओबीसी जाति जनगणना में कॉलम जोड़ने, एससी-एसटी-ओबीसी के लिए सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन एक्ट लागू करने की मांग
2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग
बैतूल। भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के तत्वाधान में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना, एससी-एसटी-ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन एक्ट लागू करने और 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण में आज 23 मार्च को बैतूल सहित 725 जिला मुख्यालयों पर रैली प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कैबिनेट में निर्णय के बावजूद जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों का कॉलम नहीं दिया, जो ओबीसी के साथ धोखाधड़ी है।
आंदोलन के तहत पहले चरण में 6 मार्च को 725 जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे गए थे, जबकि दूसरे चरण में 13 मार्च को जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया गया। तीसरे चरण में आज रैली प्रदर्शन किया जा रहा है और यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो चौथे चरण में 23 अप्रैल को भारत बंद किया जाएगा।
संगठन ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को कमजोर बनाने और सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी कर उस पर रोक लगवाने को एससी-एसटी-ओबीसी के साथ धोखाधड़ी बताया है और सख्त रेगुलेशन एक्ट लागू करने की मांग की है। साथ ही 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त करने की मांग भी उठाई गई है।
जिला संयोजक/अध्यक्ष भारत मुक्ति मोर्चा बीएल मासोदकर के अनुसार आंदोलन पूरी तरह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग, सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई से बचने की अपील की गई है।
आज के कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12 बजे अंबेडकर चौक से महापुरुषों को अभिवादन किया जाएगा। शाम 4 बजे रैली निकाली जाएगी, 4.30 बजे जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समाप्त होगी।

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