टीईटी परीक्षा आदेश पर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने जताई आपत्ति
बैतूल: मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने टीईटी परीक्षा संबंधी आदेश पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। संघ ने इस आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिसे लेकर शिक्षा विभाग के लगभग तीन लाख कर्मचारियों में नाराजगी है।
संघ के जिला अध्यक्ष सचिन राय ने आरोप लगाया कि आदेश जारी करते समय शासन प्रक्रिया और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
आदेश पर उठे सवाल
- लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आदेश क्रमांक यूसीआर/सी/85/प्रा.मा.शि./2025-26 को बिना मंत्रिमंडल, सचिवालय या स्कूल शिक्षा सचिवालय की सलाह के जारी किया गया।
- संघ ने इसे शासन नीति के विपरीत बताया है और सर्वोच्च न्यायालय के सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 का हवाला दिया।
- संघ ने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद ने मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय को टीईटी परीक्षा आयोजित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
सेवा शर्तों में बदलाव का विरोध
संघ ने बताया कि मध्यप्रदेश के अध्यापक, माध्यमिक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक अपनी नियुक्ति शिक्षाकर्मी और संविदा शिक्षक के रूप में किए गए थे। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिक्षाकर्मी भर्ती अधिनियमों में टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने का कोई उल्लेख नहीं है।
सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति के बाद उसकी सेवा शर्तों में बदलाव नहीं किया जा सकता।
संघ की मांग
संघ ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है, अन्यथा प्रदेश के शिक्षा विभाग में व्यापक असंतोष की स्थिति बन सकती है।
ज्ञापन के समय उपस्थित: सचिन राय, संजय ठाकुर, एन के गलफट, पंजाब गायकवाड़, भीम धोटे, रवि सरनेकर, आशिषचंद्र शर्मा सहित अनेक कर्मचारी मौजूद थे।

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