अशा मालवीय की अद्वितीय साइकिल यात्रा: नारी शक्ति और देशभक्ति का प्रतीक
मध्य प्रदेश के राजगढ़ की साइक्लिस्ट आशा मालवीय ने अपनी प्रेरणादायक भारत यात्रा के अंतर्गत अब तक लगभग 2500 किलोमीटर का सफर तय कर लिया है। बीती रात वह राजस्थान के जयपुर से होते हुए पीथमपुर पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह महू के लिए रवाना हुईं।
आशा ने अपनी इस उल्लेखनीय यात्रा की शुरुआत आर्मी डे के अवसर पर जयपुर से की थी। कुल 7500 किलोमीटर की यह यात्रा उन्हें जयपुर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक ले जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य नारी शक्ति, देशभक्ति और अदम्य साहस का संदेश देना है।
आशा मालवीय ने जानकारी दी कि वर्तमान यात्रा से पहले भी वह लगभग 60 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्राएं कर चुकी हैं। वह एक एथलीट के रूप में भी प्रतिष्ठित रही हैं, जो उनकी दृढ़ता और साहस को दर्शाता है।
पीथमपुर में हुआ भव्य स्वागत
- पीथमपुर के सेक्टर एक थाना क्षेत्र में संजय जलाशय चौकी प्रभारी अजय भदौरिया, सहायक उप निरीक्षक राजेश चौहान और हेड कांस्टेबल मंजीत सिंह ने आशा मालवीय का स्वागत किया।
- सेक्टर एक थाना पुलिस ने उन्हें प्रोटोकॉल के तहत अपनी सीमा से विदा किया और उनके साहस की सराहना की।
- किशनगंज थाना पुलिस के उप निरीक्षक सखाराम जामोद, सहायक उप निरीक्षक सुरेश यादव और हेड कांस्टेबल आशीष पारिख ने उन्हें महू के लिए रवाना किया।
आशा मालवीय की यह यात्रा न केवल उनके लिए बल्कि पूरे देश के लिए भी एक प्रेरणा है, जो महिला सशक्तिकरण और देशप्रेम के महत्व को उजागर करती है। इस यात्रा के माध्यम से वह समाज के हर वर्ग को साहस और दृढ़ता का संदेश दे रही हैं।

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