शहर के समीप खंडवा-वडोदरा स्टेट हाईवे किनारे बड़े पुल के पास शुरु हुआ नए घाट का निर्माण
सरदार सरोवर बांध के उच्च बैकवाटर लेवल 138 मीटर से शुरु किया निर्माण

बड़वानी -सरदार सरोवर बांध की डूब के मद्देनजर जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर खंडवा-वडोदरा स्टेट हाईवे पर नर्मदा के बड़े पुल के किनारे किनारे नए घाट निर्माण का भूमिपूजन किया गया। यह घाट का निर्माण छोटी कसरावद पुल के पास पश्चिम दिशा में शिवांगी सद्‌गुरु धाम के सन्मुख हो रहा हैं। परम पूज्य स्वामी राघवेंद्रानंद महाराज के सानिध्य में यह भूमिपूजन किया गया। पंडित रवींद्र धीरज पांडे ने भूमिपूजन संपन्न कराया। इस दौरान नर्मदा भक्त मौजूद रहे। स्वामी राघवेंद्रानंद जी ने कहा कि यह घाट का निर्माण शिवांगी सदगुरु धाम अंतर्गत बनाया जा रहा है, जो छोटी कसरावद में नर्मदा के बड़े पुल के पास है। यह घाट का निर्माण जनसहयोग से हो रहा है। फिलहाल बांध के उच्च लेवल 138 मीटर की ऊंचाई से बनाया जा रहा हैं। इसके
बाद इसे बैकवाटर उतरने पर मां नर्मदा के सामान्य लेवल तक विस्तार किया जाएगा। इस दौरान महेंद्रसिंह सोलंकी, ठाकुर कनकसिंह सहित नर्मदा भक्त मौजूद रहे। बता दें कि गत वर्षों से प.पू. स्वामी राघवेंद्रानंद महाराज द्वारा सदगुरु धाम का संचालन किया जा रहा है। यहां पैदल परिक्रमा वासियों को निशुल्क भोजन, ठहरने की व्यवस्था, गौ सेवा, गुरुकुल, स्वामीधरा, नर्मदा पुराण, श्रीमद् भागवत कथा जैसे आयोजन कर समाज में अलख जगाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही कई धर्म संस्कृति के संबंध में चलाए जा रहे है।

*शासन से भी सहयोग की अपेक्षा*

नर्मदा भक्त अजयसिंह ठाकुर ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गत वर्ष राजघाट में मां नर्मदा जागीरदारपुरा घाट का निर्माण कराया है। अब राजमार्ग पर छोटी कसरावद में नर्मदा बैकवाटर 138 मीटर लेवल पर घाट निर्माण शुरु किया है। बैकवाटर उतरने के लेवल तक जन सहयोग से घाट का विस्तार किया जाएगा। शासन-प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा हैं। बांध की डूब के बाद सरकार की ओर से कोई निर्माण नहीं कराया जा रहा हैं। ऐसे में शहर के करीब नर्मदा किनारे इस उपयुक्त स्थान पर डूब के उच्च लेवल पर बनने वाले घाट पर शासन का सहयोग मिलता हैं तो यह घाट और भव्य रुप में बनेगा और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।

*129.75 मीटर बैकवाटर में राजघाट तक सड़क मार्ग जलमग्न*

दरअसल शहर के समीप राजघाट रोहिणी तीर्थ पर प्राचीन घाट जलमग्न है। इससे सटकर ही सरदार सरोवर बांध की शुरुआत के पूर्व वर्ष 2018-19 में नया घाट बनाया गया था, जो वर्तमान में डूबा हुआ है। वर्तमान में बांध का बैंकवाटर 129.75 मीटर हैं। ऐसे में राजघाटसे बड़वानी के बीच सड़क मार्ग पर भी पानी है। जबकि बांध के बैंकवाटर का उच्च लेवल 138.60 मीटर हैं। वर्षाकाल में बांध पूर्ण रुप से भरने पर राजघाट परिसर पूरी तरह जलमग्न होता है। इसके विकल्प के तौर पर गत वर्ष ऊंचे टापू क्षेत्र में मां नर्मदा जागीरदारपुरा घाट का निर्माण किया हैं, जो 138 मीटर के लेवल की ऊंचाई हैं। हालांकि बैंकवाटर बढ़ा होने पर इस घाट पर शहर से आवाजाही के लिए बसाहट के खेत मार्ग से होकर जाना पड़ता हैं। जिसकी दूरी राजघाट के मुकाबले कुछ अधिक है।

*बड़े पुल के पास अच्छा विकल्प*

वहीं शहर को धार जिले से सीधे तौर पर जोड़ने वाले एकमात्र छोटी कसरावद नर्मदा पुल के किनारे नवीन घाट बनने से बारह माह श्रद्धालुओं को सुविधा रहेगी। वहीं यह खंडवा-वडोदरा राजमार्ग होने से लोगों को नवीन घाट तक आवागमन में सीधी सहुलियम मिलेगी। बड़ा पुल ऊंचाई 148 मीटर से अधिक हैं। ऐसे में यहां बांध के बैकवाटर के उच्च लेवल से ऊपर घाट निर्माण होने से मां नर्मदा के पूजन-दर्शन व खान के लिए श्रद्धालुओं को अच्छा विकल्प मिलेगा।