बैतूल के आमला ब्लॉक की ग्राम पंचायत लीलाझर में हनुमान मंदिर के समीप सांस्कृतिक मंच निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन और मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
विधायक निधि का नियम विरुद्ध उपयोग
आरोप है कि हनुमान मंदिर के पास सांस्कृतिक मंच के नाम पर विधायक निधि से धनराशि आहरित की गई, लेकिन स्थल पर कोई स्पष्ट मंच जैसा ढांचा नहीं है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का उपयोग धार्मिक ढांचे के निर्माण या विस्तार के लिए वर्जित है। इसके बावजूद, मंदिर की पूर्व संरचना में बदलाव कर लगभग 10×30 फीट क्षेत्र में निर्माण किया गया और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया।
धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना जन-सहमति के प्राचीन शिवलिंग का स्थान परिवर्तन किया गया, जो धार्मिक परंपराओं के विपरीत है। इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन बताया गया है। मंदिर के कपाट अधूरे होने से आवारा पशुओं के प्रवेश और गंदगी की स्थिति ने भी लोगों की नाराजगी बढ़ाई है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग से विधायक निधि के इस कथित नियम विरुद्ध आवंटन और व्यय की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने गबन की गई राशि की वसूली और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग के साथ-साथ सांस्कृतिक मंच का निर्माण किसी अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थान पर करने की भी मांग की है।
इस मामले पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है, और ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इस पर उचित कार्रवाई होगी।

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