निजी स्कूल के सिलेबस की पूर्ति नहीं कर पाया पुस्तक मेला, फिर भी कॉपी व एनसीईआरटी बुक पर मिली 25 से 50 प्रतिशत छूट
अधिकांश स्कूलों के सिलेबस अनुसार नहीं मिली पुस्तकें, डीईओ ने कहा- आगे मेला लगाने के निर्देश नहीं
बड़वानी :-निजी स्कूलों के महंगे पाठ्यक्रमों से पालकों को राहत दिलाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों ने लगातार मुहिम चलाकर आवेदन-ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन और शिक्षा विभाग को अवगत कराया। वहीं इस मुद्दों को लेकर अभिभावकों के हित में समय-समय पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित कराया।
आखिर प्रशासन के निर्देशन पर शिक्षा विभाग ने जिला मुख्यालय पर पहली बार पुस्तक मेले का आयोजन किया। हालांकि पहली बार लगा पुस्तक मेला औपचारिक रुप से शुरु हुआ, लेकिन इस दौरान तीन दिन में शहर व क्षेत्र के सैकड़ों के अभिभावकों ने विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाले अपने बच्चों के लिए पुस्तक, कॉपी, स्टेशनरी की खरीदी की। पुस्तक मेले में कॉपी, किताब व स्टेशनरी पर बाजार के मुकाबले 25 से 50 प्रतिशत तक छूट मिलने से पालकों के चेहरे खिले नजर आए। हालांकि पुस्तक मेला मात्र तीन दिन में जिला मुख्यालय तक सीमित रहा, जो जिले की 310 से अधिक निजी
स्कूलों के सिलेबस अनुसार पुस्तकों की पूर्ति नहीं कर पाया। इसका कारण रहा कि पुस्तक मेले में मुख्य रुप से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम ही उपलब्ध रहा, जो निजी स्कूलों के सिलेबस पर खराब नहीं उतर पाया। साथ ही निजी स्कूलों के सिलेबस अनुसार यूनिफार्म, शूज भी नहीं मिल पाए। हालांकि पुस्तक मेले में मुख्य
रूप से कॉपियों पर 40 से 50 प्रतिशत छूट मिलने से खरीदी के प्रति अभिभावकों का रुझान देखने को मिला। इस दौरान मेले में पहुंचे कई अभिभावक मेले की तिथि बढ़ने की जानकारी भी पूछते नजर आए।
*तीन दिन तैनात रहे अधिकारी-कर्मचारी* -शहर के दशहरा मैदान स्थित शा. एकीकृत मावि स्कूल परिसर में लगे पुस्तक मेले में प्रारंभिक दिन मात्र दो स्टॉल लगे, तो दूसरे दिन यह संख्या पांच तक पहुंची। वहीं तीसरे दिन आंकड़ा छह तक पहुंचा। इसमें बड़वानी, सेंधवा व राजपुर की फर्म ने पुस्तक, कॉपी, स्टेशनरी तथा खंडवा से मप्र पुस्तक निगम ने एमपी बोर्ड की पुस्तक का स्टॉल लगाया। पुस्तक मेले में डीईओ शीला चौहान, डीपीसी अशरफ खान, बीईओ मुकेश पंवार सहित शिक्षा विभाग का करीब 20 सदस्यीय अमला तीन दिनों तक सुबह 10 से शाम 6 बजे तक तैनात रहा।
*बाजार से खरीदना होंगे पाठ्यक्रम* -जानकारी के अनुसार जिले में कुल 310 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें अधिकांश स्कूलों में पाठ्यक्रम के सिलेबस भिन्न-भिन्न हैं, जो चिह्नित दुकानों पर ही मिलते हैं। ऐसे में पुस्तक मेले में अधिकांश स्कूलों के पाठ्यक्रम नहीं मिलने पर पालकों को बाजार से ही खरीदने पर मजबूर होना पड़ेगा।
*एक अप्रैल से शुरु होगा नया सत्र-*
बता दें कि मार्च माह में बोर्ड व अन्य कक्षाओं की परीक्षा हो चुकी है। कई कक्षाओं के परिणाम भी आ चुके हैं। शासन के निर्देश पर 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत होगी। एक माह चलने वाले सत्र को लेकर स्कूलों में तैयारियां शुरु हो गई है।
*इनका कहना है*
डीईओ शीला चौहान ने कहा कि पुस्तक मेले में हमारे द्वारा जिलेभर के निजी विक्रेताओं को आमंत्रित किया था। इसमें से पांच-छह फर्म ने स्टॉल लगाए हैं। मेला अवधि तीन दिन थी। आगामी दिनों में कलेक्टर स्तर से जैसे निर्देश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा। तीन दिन के दौरान पुस्तक मेले में 359 पालकों ने पाठ्यक्रम की खरीदी की। इस दौरान कॉपियों पर 40 से 50 प्रतिशत, तो बुक्स पर 25 प्रतिशत तक फायदा मिला। 1 अप्रैल से नया सत्र भी शुरु होना हैं।

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