गांव के नवाचार से 250 ग्राम पंचायतों तक: चंदपुरा की प्रेरक कहानी
दित्यपाल राजपूत
कभी-कभी छोटे से गांव की एक स्थानीय समस्या बड़े बदलाव का सूत्रपात कर सकती है। मध्य प्रदेश के चंदपुरा गांव ने यह साबित कर दिखाया है। गांव की गलियों में बहते गंदे पानी की समस्या ने एक ऐसे नवाचार को जन्म दिया, जिसने टीकमगढ़ जिले की 250 ग्राम पंचायतों तक अपनी छाप छोड़ी है।
- चंदपुरा गांव में गंदे पानी की समस्या ने नवाचार की नींव रखी।
- समस्या के समाधान के लिए अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम का विकास किया गया।
- ग्रे-वॉटर को भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से बाहर निकालने की व्यवस्था की गई।
- समय के साथ गांव की गलियां साफ रहने लगीं और जलभराव की समस्या में कमी आई।
- इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और टीकमगढ़ को ISC-FICCI स्वच्छता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट की यह सोच अब 250 ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुकी है।
महत्वपूर्ण निर्देश: यह कहानी बताती है कि गांव केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि समाधान देने वाले भी हो सकते हैं। किसी भी समस्या का समाधान समझदारी और साहस से किया जा सकता है।
चंदपुरा की इस कहानी से यह प्रमाणित होता है कि एक छोटे से नवाचार के माध्यम से बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त कर चुकी है, और यह यात्रा अभी भी जारी है।
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