बीना-मालथौन स्टेट हाईवे-42: मुआवजा मिलने के बाद भी अधूरा रह गया निर्माण कार्य
बीना-मालथौन स्टेट हाईवे-42 के निर्माण के लिए सरकार ने मुआवजा तो दिया, लेकिन जमीन का कब्जा न मिलने के कारण सड़क निर्माण अधूरा रह गया है। इससे यातायात और क्षेत्रीय विकास प्रभावित हो रहा है। प्रशासन की नाकामी के कारण आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- बीना-मालथौन स्टेट हाईवे-42 के लिए भूमि अर्जन किया गया था, लेकिन प्रशासन जमीन का कब्जा नहीं ले सका।
- मुआवजे का भुगतान होने के बावजूद प्रभावित भूमि पर कब्जा बना रहा, जिससे सड़क निर्माण अधूरा रह गया।
- निर्माण एजेंसी ने उपलब्ध जमीन पर ही काम पूरा किया, जिससे सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई नहीं बन पाई।
- भूमि अर्जन अधिनियम-1894 के तहत मुआवजा निर्धारित किया गया था, लेकिन प्रशासन कब्जा दिलाने में नाकाम रहा।
- जमीन खाली कराने में प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
आरोप है कि प्रशासन की इस लापरवाही से परियोजना में देरी हो रही है।
बीना-मालथौन स्टेट हाईवे-42 क्षेत्र के विकास के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। समय पर जमीन खाली न होने से सड़क निर्माण अधूरा रह गया, जिससे यातायात में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कैसे करता है और अधूरी सड़क को पूरा करने की जिम्मेदारी किसकी होगी। प्रशासनिक अधिकारियों से अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि सरकार द्वारा मुआवजा दिए जाने के बाद भी जमीन का कब्जा न दिला पाने की जिम्मेदारी किसकी है? प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है?
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