डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद का विवादित बयान: हिंदुओं को आईएसआईएस की तर्ज पर सेना बनाने की जरूरत

डासना देवी मंदिर के महंत और प्रखर हिंदुत्ववादी नेता महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती ने एक बार फिर विवादित बयान देकर हलचल मचा दी है। गुना के पंचमुखी हनुमान मंदिर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने हिंदुओं को तालिबान और आईएसआईएस की तर्ज पर अपनी सेना तैयार करने का आह्वान किया।

महंत ने संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'समलैंगिकों के संगठन' करार दिया और कहा कि इनके भरोसे सनातन धर्म का बचना असंभव है।

कट्टरता और बलिदान की जरूरत

नरसिंहानंद ने कहा कि इस्लाम के लिए जिस कट्टरता और समर्पण के साथ तालिबान और आईएसआईएस कार्य करते हैं, अगर हिंदू भी वैसी सेना बना सकें, तो वे उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने बजरंग दल और संघ को 'फालतू सेनाएं' बताते हुए कहा कि इन पर निर्भरता से सनातन धर्म का भविष्य खतरे में है।

सरकारों और कानूनों पर निशाना

महंत ने देश के कानूनों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये हिंदुओं को आपस में लड़वाने के लिए बनाए जाते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसी सरकारों का विरोध करें जो सनातन के विरुद्ध कानून लाती हैं।

विश्वगुरु का सपना और हिंदू धर्मगुरुओं पर कटाक्ष

विश्वगुरु बनने के सपने को छलावा बताते हुए नरसिंहानंद ने कहा कि भारत अगर विश्वगुरु बना भी, तो वह मुस्लिम भारत होगा। उन्होंने हिंदू धर्मगुरुओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने अनुयायियों को मूर्ख बना रहे हैं।

इजरायल और वैश्विक युद्ध पर विचार

ईरान-इजरायल युद्ध का जिक्र करते हुए महंत ने इजरायल को मानवता के दुश्मनों से लड़ने वाला बताया और कहा कि हर मानवतावादी को इजरायल का साथ देना चाहिए।

महंत के इन बयानों ने एक बार फिर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। उनका यह कहना कि हिंदुओं को आईएसआईएस जैसी कार्यप्रणाली अपनानी चाहिए, समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता का विषय बन गया है।