खकनार
गायत्री परिवार के रचनात्मक केंद्र गौलोक धाम खड़कोद आश्रम में दिनांक 25 फरवरी से 2 मार्च तक चल रहे विशाल प्राकृतिक चिकित्सा शिविर के तीसरे दिन साधकों में विशेष उत्साह और जागरूकता देखने को मिली। प्रातःकालीन सत्र में योग, प्राणायाम, जलनेति, मिट्टी लेप, सूर्यभाष्प तथा आहार चिकित्सा सहित अनेक प्राकृतिक उपचारों का लाभ प्रतिभागियों को प्रदान किया गया।
प्राकृतिक चिकित्सक सुरेश चौधरी ने बताया कि शरीर शुद्धि हेतु आयोजित यह शिविर प्राकृतिक पद्धतियों के माध्यम से शरीर के भीतर संचित विषैले तत्वों (टॉक्सिन) को बाहर निकालने में सहायक है। नियमित प्राकृतिक चिकित्सा अपनाने से मोटापा, कब्ज, गैस, एसिडिटी, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं में लाभ मिलता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।
शनिवार को वमन क्रिया के साथ विशेष चिकित्सा सत्र आयोजित किया जाएगा तथा रविवार को शंखप्रक्षालन की क्रिया संपन्न होगी, जिससे पाचन तंत्र की शुद्धि होकर तन-मन दोनों स्वस्थ एवं प्रसन्न बनते हैं।
शिविर में सहभागियों को यह प्रेरणा दी गई कि वे प्रकृति के निकट रहकर सादा, संतुलित और सात्विक जीवनशैली अपनाएं। “आओ चलें संस्कारों और स्वास्थ्य की ओर” के संदेश के साथ यह शिविर समाज में प्राकृतिक जीवन पद्धति के प्रति जागरूकता का सशक्त माध्यम बन रहा है।
दीपक कापड़िया ने बताया रविवार को गौलोक धाम वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में स्वास्थ्य गोष्ठी के साथ सभी को प्राकृतिक आहार दिया जाएगा