कलेक्टर ने गुनिया नदी के किनारे पैदल चलकर किया निरीक्षण, स्वच्छता के लिए उठाए सख्त कदम

गुना। स्वच्छता एवं कायाकल्प अभियान के अंतर्गत गुनिया नदी की सफाई के तीसरे चरण का आज समापन हुआ। आज रविवार की सुबह कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने बड़ा पुल से लगभग डेढ़ किलोमीटर तक पैदल निरीक्षण कर नदी की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर सीमित अतिक्रमण चिन्हित हुए, जिनके संबंध में वर्षा ऋतु से पूर्व आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, नदी किनारे कई स्थानों पर कचरे के ढेर पाए गए, जो स्वच्छता के लिए गंभीर चुनौती हैं। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि नालों एवं नदी में कचरा डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, जागरूक नागरिकों को प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था की गई है ताकि वे ऐसे मामलों की सूचना प्रशासन को दें। आमजन से अपील की गई है कि वे कहीं भी कचरा फैलाते या डंप करते हुए व्यक्ति दिखाई देने पर उसका फोटो या वीडियो बनाकर प्रशासन को सूचित करें, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

आगामी योजनाएं: 30 अप्रैल को गुनिया नदी परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इस डीपीआर के माध्यम से नदी के संरक्षण को एक व्यापक एवं दीर्घकालीन प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही अगले रविवार से अभियान के चौथे चरण की शुरुआत प्रस्तावित है।

कलेक्टर का संदेश: कलेक्टर श्री कन्याल ने बताया कि इस अभियान में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो इसकी सफलता का प्रमुख आधार है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि "आपका शहर, आपकी जिम्मेदारी" के भाव के साथ स्वच्छता में सहयोग करें, कचरा इधर-उधर न फेंकें और जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए इस अभियान का हिस्सा बनें।