गुना जिला न्यायालय में 'डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम' की शुरुआत; जस्टिस अहलूवालिया का सत्य और न्याय पर जोर
गुना: जिला न्यायालय गुना ने न्यायिक कार्यों को और अधिक सुगम, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 'डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम' (DRMS) का शुभारंभ किया है। इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट, ग्वालियर बेंच के प्रशासनिक जज जस्टिस जीएस अहलूवालिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
न्याय की परिभाषा पर विशेष जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने न्याय के दर्शन पर गहन विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि न्याय की परिभाषा किसी एक पुस्तक तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया:
"एक न्यायाधीश के लिए दोषसिद्धि और दोषमुक्ति से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि क्या वे सही मायने में न्याय कर पाए हैं। सत्य के जितने नजदीक पहुंचा जा सके, वही असली न्याय है।"
डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम
इस पहल के माध्यम से जिला न्यायालय ने रिकॉर्ड प्रबंधन को पूरी तरह से डिजिटल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 'डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम' (DRMS) की शुरुआत से न्यायिक दस्तावेजों का रख-रखाव और कार्यप्रणाली अधिक सुरक्षित और त्वरित होगी।
- स्मार्ट सर्च और रिट्रीवल: आवश्यक फाइलों और दस्तावेजों को तुरंत खोजने की सुविधा।
- सुरक्षित एक्सेस और रोल मैनेजमेंट: डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- ई-ऑडिट और ट्रैकिंग: फाइलों की मूवमेंट और ऑडिट की पारदर्शिता।
- पेपरलेस वर्कफ्लो: कागज के उपयोग को कम कर डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देना।
यह तकनीक न केवल न्यायालय के काम को आसान बनाएगी, बल्कि आम जनता के लिए भी न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
निष्कर्ष: इस डिजिटल पहल से न्यायालय की कार्यप्रणाली में मौलिक बदलाव आएगा, जिससे न्यायिक प्रणाली और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनेगी।
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