मध्य प्रदेश के तुलसीपार गांव में पेयजल संकट: प्रशासन की अनदेखी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

केसली (सागर): मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली विकासखंड की ग्राम पंचायत तुलसीपार के आश्रित ग्राम बसा में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। जहां एक तरफ देशभर में हर घर जल पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं इस गांव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।

गांव की महिलाओं को पीने के पानी का इंतजाम करने के लिए रोजाना तीन किलोमीटर का पथरीला सफर तय करना पड़ रहा है।

प्रशासन की अनदेखी और ग्रामीणों का दर्द

गांव की बुजुर्ग महिला सुखवंती गौंड, चंद्रारानी, बड़ीरानी, अखिलेश रानी, पूनम, ज्योति, रामदेवी, वंदना एवं अंशिका सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पीने के पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और प्रशासन को कई बार शिकायतें करने के बाद भी केवल कोरे आश्वासन ही मिले।

भ्रष्टाचार के आरोप: कुएं की मरम्मत में घोटाला

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुराने कुएं की मरम्मत के नाम पर सरकारी बजट से राशि निकाली गई, लेकिन हकीकत में कुएं की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

"कागजों पर तो मरम्मत दिखा दी गई और सरकारी पैसा ठिकाने लगा दिया गया, लेकिन हमें पानी के लिए भटकना पड़ रहा है," पीड़ित ग्रामीण महिलाओं ने कहा।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

  • ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है।
  • कुएं की मरम्मत के नाम पर निकाली गई राशि के गबन की निष्पक्ष जांच हो।
  • दोषी सरपंच, सचिव और अन्य जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह होगा कि सागर जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक इन बेबस ग्रामीणों को इस विकट जल संकट से मुक्ति मिल पाती है।