खिमलासा में पहली बार निकली श्री जगन्नाथ महारथ यात्रा: भक्ति में डूबा नगर

खिमलासा, सागर: इस्कॉन संस्था सागर के तत्वावधान में खिमलासा नगर ने इतिहास रचते हुए पहली बार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य महारथ यात्रा का आयोजन किया। इस अनूठे आयोजन ने पूरे नगर को भक्ति के रंग में रंग दिया और इसे एक ऐतिहासिक पल बना दिया।

भगवान जगन्नाथ का अर्थ है "जगत के नाथ", और मान्यता है कि वे हर साल आषाढ़ महीने में अपनी मौसी गुंडिचा देवी के घर नौ दिन के लिए जाते हैं। इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए, खिमलासा में यह यात्रा राजमंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर बड़े बाबा हनुमान जी सरकार के स्थल पर सम्पन्न हुई।

  • यात्रा के दौरान DJ, बाजे-गाजे, संकीर्तन और छप्पन भोग का आयोजन किया गया।
  • हजारों भक्तों की भीड़ ने इस दिव्य दृश्य को अपनी उपस्थिति से और भी भव्य बना दिया।

भगवान जगन्नाथ की लकड़ी की मूर्ति को हर 12 से 19 साल में "नवकलेवर" के तहत बदला जाता है। यह माना जाता है कि भगवान किसी भी जाति-धर्म का भेदभाव नहीं करते, इसी कारण उन्हें जगत का स्वामी कहा जाता है। कलयुग में उन्हें राजा के रूप में भी पूजा जाता है।

श्री जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के दौरान खिमलासा पुलिस बल टीआई राधेश्याम पटेल के नेतृत्व में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में तैनात रहा।

यह आयोजन खिमलासा के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित हुआ, जो आने वाले वर्षों में नगरवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।