दमोह के पूर्व सांसद पर पुत्रवधू ने लगाया आरोप, मेरी जमीन पर नहीं करने दी जा रही खेती, जबरदस्ती बनाया जा रहा मंदिर का ट्रस्ट 

24 एकड़ मंदिर की जमीन को लेकर चल रहा है विवाद..


एंकर/- दमोह के भाजपा के पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह पर उनकी पुत्रवधू रश्मि सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रश्मि सिंह का कहना है कि उनके चाचा ससुर चंद्रभान और दूसरे चाचा ससुर केसरी सिंह उसे उसकी जमीन पर खेती नहीं करने दे रहे। वह किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी जमीन ठेके पर देती है तो यह लोग उसे धमका कर भगा देते हैं। रश्मि सिंह पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह के बड़े भाई चंदन सिंह की बहू है। चंदन सिंह का कुछ दिन पहले निधन हो गया है इसके बाद ही यहां पर विवाद की स्थिति बनी है। शनिवार दोपहर एक निजी रेस्टोरेंट में रश्मि सिंह के द्वारा पत्रकार वार्ता आयोजित कर मीडिया के सामने इस प्रकार की आरोप लगाए। रश्मि सिंह का कहना है कि उनके ससुर चंदन सिंह जिला पंचायत के सदस्य थे और हंसराज मझगवा गांव के मंदिर के महत्तमकार थे। उनकी मौत हो गई है और मैं उनकी बड़ी बहू हूं।  नियम नियम के अनुसार हमारे घर में ही महत्तमकारी रहनी चाहिए, लेकिन मेरे चाचा ससुर चंद्रभान सिंह और केसरी सिंह मंदिर का ट्रस्ट बनवा रहे हैं। जिसका मेरे द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसी के चलते यह लोग अनावश्यक रूप से मुझे परेशान कर रहे हैं। मेरे ससुर और मेरे पति की मौत हो गई है मेरी वृद्ध सास और छोटे बच्चों की जवाबदारी मेरे ऊपर है।  मैंने कुमारी थाना पुलिस में भी आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस के द्वारा कोई मदद नहीं की गई।  रश्मि सिंह ने आरोप लगाया की चंद्रभान सिंह और केसरी सिंह मुझ पर दबाव बना रहे हैं कि यदि तुम मंदिर ट्रस्ट नहीं बनने दोगी तो हम तुम्हें कहीं पर भी खेती नहीं करने देंगे। मैं जिसको भी अपनी खेती ठेके पर देती हूं यह लोग उसे डरा धमका कर भगा देते हैं।  यहां तक की पुजारी को भी धमकाया है कि तुम यहां पूजा करना छोड़ दो।  मंदिर के पास करीब 24 एकड़ जमीन है और इसी को लेकर यह विवाद बना हुआ है। चाचा ससुर चंद्रभान सिंह भाजपा के पूर्व सांसद हैं और दूसरे चाचा ससुर केसरी सिंह रेलवे के ठेकेदार हैं। दोनों का कहना है कि हमने रश्मि सिंह को बर्बाद करने के लिए 25 लाख रुपए अलग से इकट्ठा करके रखे हुए हैं। जो हमारी निजी जमीन है यह लोग बोलते हैं कि हम जिसको बोलते हैं उसको ठेके पर दो। हमने अभी अपनी जमीन अपने बड़े ससुर सूर्यकांत सिंह को दी है। जिसका चंद्रभान सिंह और केसरी सिंह द्वारा विरोध किया जा रहा है।  इनका कहना है कि यह जमीन संतोष ठाकुर को दो मुझे लग रहा है कि मेरे दोनों चाचा ससुर मेरा कोई सहयोग नहीं करेंगे। मुझे अपने घर परिवार में रहना है इसलिए घर के किसी एक व्यक्ति का सपोर्ट तो मुझे चाहिए ही है। इसलिए उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उन्होंने कुम्हारी थाने में जो आवेदन दिया है उस पर कार्रवाई की जाए। वही इन आरोपों पर पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए उनके ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया उनका कहना है कि ट्रस्ट हम नहीं बना रहे ट्रस्ट तो कलेक्टर बना रहे हैं। क्योंकि वही उसके शासकीय प्रबंधक हैं। मंदिर की जो भूमि है वह किसी एक के नाम पर नहीं है उसमें परिवार के सभी सदस्य शामिल हैं। सर्कुलर है कि जिस मंदिर के प्रबंधक कलेक्टर होते हैं वहां पर ट्रस्ट का गठन होता है और मंदिर की देखरेख प्रशासन के द्वारा ही की जाती है।  बहरहाल पूरे मामले पर अब पुलिस एवं प्रशासन पर सबकी नजरें टिकी हुई है।