सागर संभाग के कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने पन्ना जिले सहित संभाग के समस्त नगरीय निकायों में लंबित पड़े भवन और भूमि नामांतरण तथा भवन अनुज्ञा से जुड़े प्रकरणों की कड़ाई से समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन लंबित मामलों का निराकरण किसी भी स्थिति में आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि नागरिकों से जुड़ी इन सेवाओं में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और समय-सीमा का पालन न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लंबित प्रकरणों का ब्यौरा और प्रशासनिक चिंता
समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर श्री सुचारी ने संभाग में लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, संभाग भर में अभी भी भवन-भूमि नामांतरण के 842 प्रकरण और भवन अनुज्ञा से संबंधित 93 प्रकरण लंबित हैं। कमिश्नर ने इसे बेहद खेदजनक स्थिति बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मामलों का लंबित रहना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है।
निकायवार समीक्षा के दौरान पन्ना जिले की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया:
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नगर परिषद अमानगंज: यहाँ भवन-भूमि नामांतरण के 20 प्रकरण लंबित पाए गए।
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नगर परिषद अजयगढ़: यहाँ भी नामांतरण के 22 प्रकरण निराकरण की प्रतीक्षा में हैं।
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नगर पालिका परिषद पन्ना: भवन अनुज्ञा (Building Permission) श्रेणी में पन्ना नगर पालिका में 13 प्रकरण लंबित मिले।
जनहित और पारदर्शिता को प्राथमिकता
कमिश्नर श्री सुचारी ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नामांतरण और भवन अनुज्ञा जैसे प्रकरण सीधे तौर पर नागरिकों के दैनिक जीवन और उनके अधिकारों से जुड़े होते हैं, जिन्हें अनावश्यक रूप से लटकाए रखना जनता के प्रति असंवेदनशीलता है।
शत-प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य
बैठक के अंत में कमिश्नर ने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए कि अगले सात दिनों के भीतर इन सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कार्य पूरा होने के बाद सभी निकायों को अपना रिपोर्ट कार्ड या प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह निर्देश न केवल पन्ना जिले के लिए, बल्कि पूरे संभाग के लिए एक कड़ा संदेश है कि अब कामकाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन अब इन मामलों की मॉनिटरिंग और अधिक सख्ती से करेगा ताकि भविष्य में नागरिक सेवाओं में विलंब की स्थिति पैदा न हो।
image source : https://panna.mpinfo.org
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