बालाघाट: सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए और जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सख्त प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, यातायात थाना प्रभारी सुश्री यीना रहेंगडाले, ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
ब्लैक स्पॉट पर विशेष फोकस और स्ट्रीट लाइट की अनिवार्यता
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले में चिन्हित किए गए 'ब्लैक स्पॉट' (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) रहे। कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने अधिकारियों से इन क्षेत्रों की अद्यतन स्थिति के बारे में विस्तृत रिपोर्ट ली। उन्होंने कड़े लहजे में निर्देश दिए कि जिन चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर अभी तक पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है, वहां सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तत्काल स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि रात्रि के समय सड़कों पर अंधाधुंध गति और खराब दृश्यता के कारण कई गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर रोशनी की उचित व्यवस्था होना अनिवार्य है। उन्होंने ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न की जाए और उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाए जहां पिछले कुछ महीनों में दुर्घटनाओं का आंकड़ा अधिक रहा है।
अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता
कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को मात्र एक विभाग का कार्य न मानते हुए इसे सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस, यातायात विभाग, लोक निर्माण विभाग और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय ही दुर्घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय है।
बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि:
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सभी सड़क निर्माण और सुधारात्मक कार्यों की गुणवत्ता का नियमित निरीक्षण किया जाए।
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निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही निर्माण कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित हो।
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सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए, जिससे दृश्यता प्रभावित न हो।
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यातायात के संकेतों (Signboards) और संकेतक बोर्डों को दुरुस्त किया जाए।
सड़क सुरक्षा: एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि सड़क सुरक्षा केवल बैठकों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर दिखाई देनी चाहिए। यातायात थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए कि वे ऐसे क्षेत्रों में विशेष गश्त बढ़ाएं जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। साथ ही, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए ताकि आम नागरिकों में कानून का भय बना रहे और नियमों का पालन सुनिश्चित हो।
भविष्य की कार्ययोजना और निगरानी
कलेक्टर श्री मीना ने यह भी कहा कि जिन कार्यों के निर्देश दिए गए हैं, उनकी प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। यदि किसी विभाग द्वारा कार्य में शिथिलता बरती जाती है, तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनें और नशे की हालत में वाहन न चलाएं।
बैठक के अंत में अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे ने सभी विभागों को यह आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा जाएगा। यह बैठक जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति एक नए और गंभीर प्रशासनिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिससे भविष्य में बालाघाट जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
image source : https://balaghat.mpinfo.org
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