दैनिक अग्नि वर्षा आमला मोहम्मद आसीफ लंघा 
आमला। नगर परिषद आमला की लचर जलापूर्ति व्यवस्था के खिलाफ शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 18 की महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। कई दिनों से पानी की अनियमित आपूर्ति, दूषित पेयजल और लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज महिलाओं ने नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने विरोध स्वरूप खाली मटके फोड़कर प्रशासन के प्रति अपना रोष व्यक्त किया तथा नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व युवा नेत्री मुक्ता धोलेकर ने किया। उनके साथ श्री नागल वी सहित लगभग 50 से अधिक महिलाएं प्रदर्शन में शामिल रहीं। महिलाओं का कहना था कि शुक्रवार को पूरे वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हुई, जबकि पिछले कई दिनों से कभी गंदा तो कभी बेहद कम मात्रा में पानी मिल रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे क्षेत्रों और निजी साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि नगर परिषद द्वारा सप्लाई किया जाने वाला पानी कई बार इतना गंदा और बदबूदार होता है कि उसका उपयोग पीने तो दूर, घरेलू कार्यों में भी नहीं किया जा सकता। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है।
*जनसुनवाई में दिया था ज्ञापन, एक दिन मिली राहत फिर लौट आई परेशानी*
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को आयोजित जनसुनवाई में उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर जल संकट और दूषित पानी की समस्या से अवगत कराया था। ज्ञापन के बाद जल आवर्धन योजना से जुड़े कर्मचारियों ने उसी दिन पानी की आपूर्ति शुरू कर दी थी, लेकिन यह व्यवस्था केवल एक दिन ही चल सकी। इसके बाद फिर जलापूर्ति बाधित हो गई और दूषित पानी की समस्या दोबारा शुरू हो गई।
महिलाओं का कहना है कि कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें देने के बावजूद नगर परिषद ने स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जनसुनवाई में शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस रहने से मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
*जल आवर्धन योजना पर भी उठे सवाल*
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार जल आवर्धन योजना का अब तक विधिवत हैंडओवर नगर परिषद को नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जल व्यवस्था का संचालन तकनीकी अधिकारियों के बजाय एक ड्राइवर से कराया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। (इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।)
*सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों से नहीं मिला जवाब*
समाचार प्रकाशित करने से पूर्व नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, जहां उनका कार्यालय बंद मिला। नगर परिषद के अन्य अधिकारियों से भी जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी ने अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं दी। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
*महिलाओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी*
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि वार्ड क्रमांक 18 में नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया, पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं कराई गई तथा जलापूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में वार्डवासी नगर परिषद के खिलाफ और बड़ा जनआंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी।
*प्रमुख मांगें*
वार्ड क्रमांक 18 में नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
दूषित पानी की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।
पानी की टंकियों की नियमित सफाई कराई जाए।
जल आवर्धन योजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए।
लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
नगर पालिका बंद होते तक महिलायों नगर पालिका में खड़ी रही पर कोई बड़ा अधिकारी नहीं आया महिलाएं मायूस होकर वापस गई।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से मुक्ता धोलेकर, श्री नागल वी, आरती, अर्पणा बोस, भाविका गुगनानी, मनीषा छतवानी, रोसी बलजीत, गीता छतवानी, ममता शेख, पदमा छतवानी, सोनी हुकमचंद, बेला छतवानी, इंदु छनकानी, नेहा, मेघा सोनी, शिल्पा लोखंडे, आशा सहित वार्ड क्रमांक 18 की बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
*इनका कहना है।*
वार्ड क्रमांक 18 में पानी की समस्या की जानकारी मिली है। संबंधित समस्या के समाधान के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) एवं जल प्रभारी को निर्देशित कर दिया गया है। वे मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। जल्द से जल्द जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु कर समस्या का निराकरण कराया जाएगा।"
*श्रीमती ऋचा कौरव, तहसीलदार, आमला*