आमला। चंद्रभागा पुल से बस स्टैंड तक बनाए जा रहे डिवाइडर के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है तथा पुराने क्षतिग्रस्त हिस्से को पूरी तरह हटाए बिना उसी पर नया निर्माण कराया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जिस हिस्से को पहले तोड़ने के निर्देश दिए गए थे, उसे पूरी तरह नहीं तोड़ा गया। आरोप है कि कमजोर हो चुकी लोहे की सरियों (रॉड) को बदले बिना उसी पर नया निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे भविष्य में डिवाइडर की मजबूती और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो विभागीय इंजीनियर मौजूद रहते हैं और न ही ठेकेदार की ओर से कोई सुपरवाइजर दिखाई देता है। ऐसे में बिना तकनीकी निगरानी के निर्माण कार्य किए जाने को लेकर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो यह सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने तथा यदि अनियमितता पाई जाए तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
*इनका कहना है*
इस संबंध में उपयंत्री सुभाष शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जब तक इंजीनियर निर्माण स्थल पर मौजूद नहीं रहेगा, तब तक काम नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों के अनुसार कराया जाएगा।"
*नितिन गाडरे*
*नगर पालिका अध्यक्ष, आमला*
Continue With Google
Comments (0)