जबलपुर: गौरैया रैनबसेरा रिसॉर्ट का सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा गठित गरुड़ दल ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में रिसॉर्ट के किचन से एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री पाई गई, जिन्हें तुरंत नष्ट करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, डीप फ्रीजर में लगभग दो दिन पुरानी दाल मखनी मिली, जिसके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि रिसॉर्ट का गंदा पानी सीधे गौर नदी में बहाया जा रहा था। इस कारण नदी के पानी के नमूने भी परीक्षण हेतु एकत्र किए गए हैं।
तहसीलदार राँझी मौसमी केवट के नेतृत्व में किए गए इस निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आईं। रिसॉर्ट के किचन, वॉशरूम और टॉयलेट से निकलने वाला वेस्टेज वॉटर बिना उचित ट्रीटमेंट के गौर नदी में बहाया जा रहा था। रिसॉर्ट में गीले और सूखे कचरे की कोई उचित व्यवस्था नहीं पाई गई। इसके अलावा, किचन के आसपास पान और गुटका की पीक से दीवारें रंगी हुई थीं।
रिसॉर्ट के किचन में वेज और नॉन वेज खाद्य पदार्थों को एक साथ रखा गया था और भंडार गृह में खाद्य पदार्थों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री भी रखी हुई थी। आटा और शक्कर जैसे खाद्य पदार्थ जमीन पर पड़े हुए थे।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि आरओ मेंटेनेंस प्रमाण पत्र और टँकी के पानी का क्लीनिंग रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। लोक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने ट्यूबवेल, आरओ फिल्टर और गौर नदी से पानी के नमूने परीक्षण के लिए लिए हैं।
तहसीलदार राँझी ने बताया कि रिसॉर्ट में अग्निशमन यंत्र की अनुपस्थिति और बिजली के तारों की अव्यवस्थित स्थिति से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। नियमित कर्मचारियों के अलावा अन्य कर्मचारियों की सूची और वेतन संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।
इस निरीक्षण में राजस्व विभाग, पुलिस, खाद्य विभाग, खाद्य सुरक्षा प्रशासन, नगर निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी शामिल थे।

Continue With Google
Comments (0)