विकास के दावों पर प्रश्नचिन्ह: राजापुर पुल के पास सड़क बनी 'तालाब'

त्यौंथर विधानसभा क्षेत्र में विकास की हकीकत को उजागर करता राजापुर पुल का दृश्य किसी आईने से कम नहीं है। हल्की बारिश होते ही यह सड़क तालाब का रूप ले लेती है, और संबंधित विभाग 'सब ठीक है' का ढोंग करते नजर आते हैं। यह समस्या मात्र असुविधा नहीं, बल्कि लापरवाही और अव्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण है।

अधिकारियों की उदासीनता

इस मार्ग से प्रतिदिन विधायक और वरिष्ठ अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन उनकी संवेदनाएं इस पानी में कहीं डूब चुकी प्रतीत होती हैं। जनता की समस्याएं या तो उन्हें नजर नहीं आतीं या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही हैं। सड़क पर भरा पानी अब सिर्फ एक असुविधा नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं का आमंत्रण बन चुका है।

जनता की गुहार और प्रशासन की अनदेखी

ग्रामीण कई बार अपनी समस्या के समाधान की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं। जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हुई और सड़क का गड्ढा अब तालाब में तब्दील हो चुका है। सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

समस्या का समाधान आवश्यक

अगर त्यौंथर विधानसभा का यही 'विकास' है, तो यह विकास नहीं, बल्कि बदहाल व्यवस्था का काला सच है। प्रशासन को अब भी समय रहते जागना होगा, वरना यह लापरवाही किसी दिन बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है, जिसकी जिम्मेदारी से बचना आसान नहीं होगा।