नरसिंहपुर: शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, उठाई मांगें
नरसिंहपुर। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने जोरदार कदम उठाया है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने नरसिहपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अस्थाई कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।
मुख्य मांगें
- T.E.T. परीक्षा पर रिव्यू पिटीशन: मध्य प्रदेश सरकार से टी.ई.टी. परीक्षा के मामले में तत्काल रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर करने की मांग की गई है ताकि शिक्षकों के पक्ष को मजबूती से पेश किया जा सके।
- वरिष्ठता का अधिकार: राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग के लोक सेवकों को उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान करने का आग्रह किया गया है।
- अस्थाई कर्मचारियों का नियमितीकरण: अतिथि शिक्षक, वोकेशनल शिक्षक, ITC इंस्ट्रक्टर, करियर और मेंटल काउंसलर, प्री-प्राइमरी सहायिका और आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर को नियमित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
अस्थाई कर्मचारियों में असंतोष
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ये कर्मचारी वर्षों से अल्प मानदेय और अनिश्चित भविष्य के बीच काम कर रहे हैं। नियमितीकरण न होने से इन कर्मचारियों में असुरक्षा का भाव गहरा रहा है, जिसका असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
आगामी रणनीति
शिक्षक संयुक्त मोर्चा का कहना है कि यदि सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करती है, तो जिले के समस्त शिक्षक और अस्थाई कर्मी अपनी आवाज को और बुलंद करेंगे।

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