केसली (सागर)। न्याय प्रणाली में आपसी सहमति और सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार, 14 मार्च को व्यवहार न्यायालय केसली में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि विवादों को सुलझाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पक्षकारों को पौधे भेंट किए गए।

पीठासीन अधिकारी ने दी समझाइश

​लोक अदालत की अध्यक्षता व्यवहार न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी कुलदीप नामदेव द्वारा की गई। सुलहकर्ता सदस्य के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रामअवतार दुबे उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश नामदेव ने पक्षकारों को समझाते हुए कहा कि लोक अदालत न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि यह आपसी रिश्तों में आई कड़वाहट को दूर कर प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है।

इन मामलों का हुआ निराकरण

​लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के प्रकरणों को आपसी सहमति से सुलझाया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • आपराधिक शमनीय मामले: छोटे-मोटे विवाद और झगड़ों का निपटारा।
  • चेक बाउंस प्रकरण: एनआई एक्ट के तहत लंबित वित्तीय विवाद।
  • भरण-पोषण: पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का समाधान।
  • दीवानी मामले: भूमि और संपत्ति से जुड़े कानूनी विवाद।

बैंकों ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ

​वित्तीय संस्थानों ने भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए प्री-लिटीगेशन (मुकदमा दर्ज होने से पूर्व) के माध्यम से कई पुराने ऋण मामलों का निपटारा किया। इसमें मध्यांचल ग्रामीण बैंक और सेंट्रल बैंक के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई और उपभोक्ताओं को छूट के माध्यम से राहत प्रदान की।

पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश

​समझौता होने के बाद न्यायाधीश कुलदीप नामदेव ने एक सराहनीय पहल करते हुए पक्षकारों को पौधे भेंट किए। उन्होंने अपील की कि जिस तरह वे अपने कानूनी विवादों को खत्म कर नई शुरुआत कर रहे हैं, उसी तरह इन पौधों को रोपकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के सदस्य प्रसन्न मिश्रा, अनिरूद्ध सिंह, प्रदीप ठाकुर, मदन तिवारी, आयुष सिंह चौहान और मुकेश दुबे मौजूद रहे। न्यायालयीन कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने में प्रकाशचंद जोशी, भगवानदास अहिरवार, अंकुर चौहान, प्रान्शु तिवारी, मुकेश प्रजापति, शिवांश चौरसिया और माधवी सिंह सहित समस्त स्टाफ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पक्षकार और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।